Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

जोधपुर, 26 जून (हि.स.)। मां अहल्या शिक्षा न्यास के तत्वावधान में गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज का एक प्रतिनिधि मंडल 29 जून को अयोध्या धाम पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में स्थापित आदि गुरु मां अहल्या के दिव्य विग्रह का दर्शन, पूजन एवं अर्चन करेगा।
मां अहल्या शिक्षा न्यास के संयोजक महेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में सनातन संस्कृति के महान आदर्शों को स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से सात भव्य मंडपों का निर्माण किया गया है। ये मंडप ऋषि वाल्मीकि, ऋषि वशिष्ठ, ऋषि विश्वामित्र, ऋषि अगस्त्य, निषादराज, मां शबरी एवं मां अहल्या को समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि मां अहल्या केवल समाज विशेष की आराध्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान, तप, त्याग, धैर्य और आत्मबल की प्रेरणास्रोत हैं।
भगवान श्रीराम द्वारा उनके उद्धार का प्रसंग समरसता, करुणा और न्यायपूर्ण समाज व्यवस्था का अद्वितीय संदेश देता है। महेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि समाज का प्रतिनिधि मंडल 27 जून को जोधपुर से प्रस्थान करेगा। यात्रा के प्रथम चरण में वाराणसी पहुंचकर श्रद्धालु बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन करेंगे तथा मां अहल्या के आराध्य भगवान विश्वनाथ के चरणों में पत्र-पुष्प अर्पित कर समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। इसके उपरांत प्रतिनिधि मंडल 29 जून को अयोध्या पहुंचेगा, जहां श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित मां अहल्या मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा। इस अवसर पर समाज बंधु मां अहल्या के जीवन, उनके आदर्शों तथा समाज में उनके योगदान का स्मरण करते हुए श्रद्धा अर्पित करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश