पांच वर्षीय नाबालिक के साथ दुष्कर्म मामले में पोक्सो अदालत ने दोषी को पांच साल की सजा सुनायी
पश्चिम बर्दवान, 24 जून (हि.स.)। सलानपुर थाना अंतर्गत पांच वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में आसनसोल सदर स्पेशल कोर्ट (पोक्सो कोर्ट) ने बुधवार को दोषी सागर हेंब्रम को पांच साल की सश्रम कारावास तथा पांच हजार जुर्माना भरने की सजा सुनायी।
आसनसोल जिला कोर्ट के फाइल फोटो


पश्चिम बर्दवान, 24 जून (हि.स.)। सलानपुर थाना अंतर्गत पांच वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में आसनसोल सदर स्पेशल कोर्ट (पोक्सो कोर्ट) ने बुधवार को दोषी सागर हेंब्रम को पांच साल की सश्रम कारावास तथा पांच हजार जुर्माना भरने की सजा सुनायी।

स्पेशल कोर्ट की न्यायाधीश सुवर्णा बनर्जी ने मंगलवार को इस मामले में सलानपुर निवासी सागर हेंब्रम को दोषी करार दिया था। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपित को अतिरिक्त छह महीने की सजा काटनी होगी।

मामले की जानकारी देते हुए अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता तापस कुमार वकील ने बताया कि पांच अक्टूबर 2022 को नाबालिग के पिता ने इस मामले में सलानपुर थाने में शिकायत दर्ज करायी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चार अक्टूबर 2022 को सागर हेंब्रम उनकी पांच वर्षीय नाबालिग बच्ची को दुर्गा पूजा घूमने के लिए साइकिल पर बिठाकर ले गया था। इसी दौरान आईसीडीएस केंद्र के पास स्थित जंगलों में नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया। सलानपुर थाना के कांड संख्या 224 /22 (दिनांक 5 - 10 - 2022) को आईपीसी की धारा 354 तथा पोक्सो एक्ट-8 के तहत मामला दर्ज किया।

शिकायत दर्ज होने के बाद पीड़िता की मेडिकल जांच करायी गयी। उसके बाद छह अक्टूबर 2022 को आरोपित सागर हेंब्रम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। चार साल से इस मामले में अदालत की कार्रवाई चलती रही। इस मामले में आठ गवाहों के बयान दर्ज किए गये। उसके बाद 23 जून 2026 को स्पेशल कोर्ट की जज सुवर्णा बनर्जी ने इस मामले में आरोपित को दोषी करार दिया। इसके बाद बुधवार को पांच साल की सजा सुनाई गयी। उन्होंने बताया कि आईपीसी की धारा 354 के तहत पांच साल की सजा तथा पोक्सो एक्ट-8 के तहत पांच साल की सजा सुनायी गयी। दोनों सजा एक साथ चलेगी। यानी की सागर हेंब्रम को दोनों ही धाराओं में पांच साल की सजा काटनी है। इसके साथ ही दोषी को पांच हजार का जुर्माना भरने का निर्देश दिया गया है, जुर्माना नहीं भरने की सूरत में छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

इसके अलावा अदालत ने पीड़िता को विक्टिम कंपेनसेशन स्कीम के नियम-9 के तहत 25 हजार रुपये का मुआवजा राशि प्रदान करने का भी आदेश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा