संत चोखामेला : समरसता, भक्ति और सामाजिक चेतना के आद्य प्रवर्तक
- गिरीश जोशी
महाराष्ट्र की वारकरी परंपरा में संत ज्ञानेश्वर, नामदेव, एकनाथ और तुकाराम आदि के साथ-साथ संत चोखामेला का स्थान बहुत बढ़ा है। उन्होंने अपने जीवनानुभवों के माध्यम से भेदभाव की पीड़ा को शब्द दिए और भक्ति मार्ग से समरसता का संदेश दि
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