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कोलकाता, 30 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दो चरण शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो चुके हैं और उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद है। आगामी सोमवार, चार मई को मतगणना होनी है। इससे पहले मतगणना को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं।
चुनाव आयोग के कई फैसलों को चुनौती देते हुए तृणमूल कांग्रेस के सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी तथा अधिवक्ता विश्वरूप भट्टाचार्य ने ये याचिकाएं दाखिल की हैं।
पहली याचिका में चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें मतगणना केंद्रों पर केवल केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को ही सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त किया गया है। कल्याण बनर्जी का तर्क है कि आयोग ऐसा निर्णय नहीं ले सकता और इस मामले में अदालत के हस्तक्षेप की जरूरत है।
वहीं दूसरी याचिका विश्वरूप भट्टाचार्य ने दायर की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग अचानक मतगणना केंद्रों के स्थान बदल रहा है। इस पर भी अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
गौरतलब है कि राज्य में 23 अप्रैल को पहले चरण और 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान हुआ था। अब सबकी नजर चार मई को होने वाली मतगणना पर टिकी है। हालांकि, इस बार पिछले चुनाव के मुकाबले मतगणना केंद्रों की संख्या घटा दी गई है। 294 सीटों के लिए 77 केंद्रों पर मतगणना होगी, जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में यह संख्या 108 थी। इस फैसले को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पहले ही विरोध जता चुकी है, और अब मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय