विभाजन नहीं, एकत्व ही हिन्दुत्व का मूल : समाज सहभागिता से ही बनेगा महान राष्ट्र: सुनील आंबेकर
इन्दौर, 26 अप्रैल (हि.स.)। हिन्दुत्व का वास्तविक स्वरूप विभाजन नहीं, एकत्व और समरसता में निहित है। हिन्दुत्व वह भावना है जो समाज को जोड़ती है न कि तोड़ती है। भारत की पहचान इसी एकात्म दृष्टि से निर्मित हुई है और यही कारण है कि भारत को हिन्दू राष्ट्
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