वैश्विक शक्ति प्रतिस्पर्धा के बीच भारत की आत्मनिर्भरता
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी
आज के वैश्विक परिदृश्य में आत्मनिर्भरता किसी भी राष्ट्र की रणनीतिक स्वायत्तता, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति की स्वतंत्रता का आधार बन चुका है। विशेष रूप से भारत जैसे विकास की गति में तेज दौड़ते राष्ट्र के लिए आत्मनिर्भरता का
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