सत्तापक्ष–विपक्ष की नोकझोंक के बीच 11 विधेयक सदन में पेश
– प्रश्न प्रहर में सतपाल महाराज और सुबोध उनियाल पर विपक्ष के तीखे सवाल –कार्य स्थगन प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस ने सरकार व पीठ पर उठाए सवाल भराड़ीसैंण, 10 मार्च (हि.स.)। ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूस
उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही संचालित करती विधानसभा  अध्यक्ष ऋतू  खंडूड़ी भूषण।


– प्रश्न प्रहर में सतपाल महाराज और सुबोध उनियाल पर विपक्ष के तीखे सवाल

–कार्य स्थगन प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस ने सरकार व पीठ पर उठाए सवाल

भराड़ीसैंण, 10 मार्च (हि.स.)। ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। प्रश्न प्रहर से लेकर कार्य स्थगन प्रस्ताव तक सदन का माहौल गर्म रहा। इस दौरान कुल 11 विधेयक सदन में पेश किए गए, जबकि चार अध्यादेश पटल पर रखे गए।

प्रश्न प्रहर में वन मंत्री सुबोध उनियाल तथा लोक निर्माण एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के विभागों से जुड़े प्रश्न उठे। विपक्षी विधायकों के तीखे सवालों के बीच दोनों मंत्रियों को कई बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। प्रश्नकाल के उपरांत पूर्व विधायक दिवाकर भट्ट, बलवीर सिंह नेगी और राजेश ज्युआठा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

भोजनावकाश के बाद कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि उनके नोटिस नियम 310 के तहत स्वीकार नहीं किए गए। कांग्रेस सदस्यों ने पीठ पर सत्ता पक्ष के दबाव में कार्य करने का आरोप लगाया, जिस पर सदन में काफी देर तक हंगामा और बहस जारी रही।

सदन में रखे गए अध्यादेशों में उत्तराखंड दुकान एवं स्थापना अध्यादेश, 2025, उत्तराखंड जन विश्वास अध्यादेश, 2025, उत्तराखंड माल और सेवा कर अध्यादेश, 2025 तथा उत्तराखंड समान नागरिक संहिता अध्यादेश, 2026 शामिल रहे। इसके अतिरिक्त सचिव विधानसभा ने राज्यपाल द्वारा लौटाए गए उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध संशोधन विधेयक, 2025 और समान नागरिक संहिता उत्तराखंड संशोधन विधेयक, 2025 को भी सदन के पटल पर रखा।

सचिव ने यह भी अवगत कराया कि पिछले सत्र में पारित छह विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है और वे अधिनियम का रूप ले चुके हैं। साथ ही वर्ष 2022 में पारित बोनस संदाय उत्तराखंड संशोधन विधेयक, 2020 को वापस लिए जाने की जानकारी भी दी गई। सदन की कार्यवाही देर रात तक जारी रही।

------------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय