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नई दिल्ली, 10 मार्च (हि.स.)। राजधानी में धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने और सड़कों की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने विशेष 10-दिवसीय धूल-मुक्त दिल्ली अभियान के तहत अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके तहत शहर की प्रमुख सड़कों पर यांत्रिक सड़क सफाई मशीनों की तैनाती बढ़ाने के साथ-साथ उनके संचालन समय में भी वृद्धि की गई है।
एमसीडी के अनुसार, वर्तमान में 52 यांत्रिक सड़क सफाई मशीनें लोक निर्माण विभाग की उन सड़कों पर तैनात हैं जिनकी मार्ग चौड़ाई 18 मीटर या उससे अधिक है। इन मशीनों के माध्यम से करीब 3400 किलोमीटर लेन लंबाई वाली पीडब्ल्यूडी सड़कों की नियमित यांत्रिक सफाई की जा रही है। इस प्रक्रिया के जरिए प्रतिदिन लगभग 150 टन धूल एकत्र की जा रही है।
एकत्रित धूल का एक हिस्सा शास्त्री पार्क निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र में भेजा जा रहा है, जबकि शेष को एमसीडी के निर्धारित स्वच्छता भूमि-भराव स्थलों पर निस्तारित किया जाता है।
अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी किया गया है कि यांत्रिक सड़क सफाई मशीनों का संचालन अब रात्रि के बजाय दिन में किया जा रहा है, ताकि बेहतर निगरानी और संचालन सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही मशीनों के संचालन समय को 8 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है। इससे सड़क सफाई कवरेज में लगभग 20 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है।
धूल नियंत्रण के लिए 28 चलित जल टैंक आधारित छिड़काव वाहन, जिनमें धुंध-रोधी तोप लगी हुई हैं को भी प्रमुख सड़कों पर तैनात किया गया है। इन छिड़काव वाहनों का संचालन समय भी 8 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे प्रति पाली कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इससे कम से कम 20 प्रतिशत अधिक सड़क क्षेत्र को कवर किया जा सकेगा।
एमसीडी का कहना है कि इन सुदृढ़ यांत्रिक सफाई और धूल नियंत्रण उपायों से राजधानी में स्वच्छता की स्थिति में सुधार होगा और धूल प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी