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नैनीताल, 09 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी में क्रिकेट लीग के नाम पर धोखाधड़ी में विकास ढाका को पुलिस द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से की गई गिरफ्तारी के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता को रिमांड सीट की प्रति कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तिथि नियत की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि विकास ढाका को पुलिस ने सुबह साढे ग्यारह बजे पुलिस स्टेशन में बैठाया रखा। रात 9 बजे धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज हुई, जबकि रिमांड सीट में गिरफ्तारी अगले दिन 4 बजे दिखाई गई।
न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित ईवीसीएल (एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग) के नाम पर कई लोगों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में नैनीताल पुलिस ने विकास ढाका को गिरफ्तार किया है। लीग के आयोजक और मालिक विकास ढाका पर फ्रेंचाइजी के नाम पर लोगों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगे हैं। हल्द्वानी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 3 फरवरी से 12 फरवरी तक ईवीसीएल लीग क्रिकेट मैच का आयोजन करने और उसमें राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के आने का झांसा देकर लोगों फ्रेंचाइजी बेचा था। सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल व हरियाणा के एक युवक से 32 लाख की धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / लता