-हृदयनारायण दीक्षित
संसद की गरिमा के प्रश्न स्थाई भाव बन रहे हैं। संसद देश काल का दर्पण होती है। यह केवल बजट पास करने या कानून बनाने का ही संवैधानिक निकाय नहीं होती। सदन की गरिमा और मर्यादा बहुधा तार-तार हो रही है। संसद की गरिमा को उच्च स्तर पर बन
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