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काहिरा, 07 फरवरी (हि.स.)। ईरान ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उस पर सैन्य कार्रवाई की जाती है तो वह मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक टीवी इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि ऐसी कार्रवाई उन देशों के खिलाफ नहीं मानी जानी चाहिए जहां ये ठिकाने स्थित हैं, बल्कि यह सीधे अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के जवाब में होगी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब ओमान में हालिया सकारात्मक बातचीत के बाद तेहरान और वाशिंगटन ने परमाणु मुद्दे पर अप्रत्यक्ष वार्ता जारी रखने की बात कही है। हालांकि अगली बैठक की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन दोनों पक्षों ने जल्द बातचीत के संकेत दिए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए यूरेनियम संवर्धन रोकने, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम सीमित करने और क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को समर्थन खत्म करने की मांग दोहराई है। इसके साथ ही क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं।
ईरान ने फिर दोहराया कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह परमाणु हथियार बनाने की मंशा से इनकार करता है। तेहरान का कहना है कि वार्ता केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित रहेगी और मिसाइल कार्यक्रम जैसे विषय बातचीत का हिस्सा नहीं होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां तनाव को जटिल बना रही हैं, जिससे आने वाले समय में पश्चिम एशिया की स्थिति पर वैश्विक नजरें टिकी रहेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय