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नई दिल्ली, 07 फरवरी (हि.स)। भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का उद्योग जगत ने स्वागत किया है। भारतीय उद्योग जगत ने शनिवार को इस समझोते पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा वैश्विक निवेशकों के भरोसे का प्रतीक है, जो प्रतिस्पर्धात्मकता, प्रौद्योगिकी तक पहुंच तथा आपूर्ति शृंखला के लचीलेपन को बढ़ावा देता है।
भारत और अमेरिका ने घोषणा किया कि वे एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमत हो गए हैं, जिसके तहत दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज एक प्रेस कांफ्रेस में कहा कि दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को पहले के 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर देगा।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा कि यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच आर्थिक तालमेल को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा, ”यह रणनीतिक साझेदारी शुल्क को कम करने, नियामक बाधाओं को दूर करने और विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसरों को खोलने के लिए बनाई गई है। जैसे-जैसे भारत एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, ये समझौता प्रतिस्पर्धात्मकता, प्रौद्योगिकी तक पहुंच और आपूर्ति शृंखला के लचीलेपन को समय पर बढ़ावा देगा।”
उद्योग निकाय भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा, ”सीआईआई भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे का एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की दिशा में एक समय पर उठाए गए कदम के रूप में स्वागत करता है। यह बढ़ते विश्वास, नीतिगत तालमेल और खुले, अनुमानित तथा नियम-आधारित व्यापार के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह समझौता वैश्विक उद्योग और निवेशकों को विश्वास का एक मजबूत संकेत देता है।”
जेके पेपर के सीएमडी और जेके ऑर्गनाइजेशन के निदेशक हर्ष पति सिंघानिया ने भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के लिए भारत सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा, ”यह समझौता प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाएगा, उच्च गुणवत्ता वाले विनिर्माण को मजबूत करेगा और स्थायी औद्योगिक वृद्धि का समर्थन करेगा।”
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर