एसटी बेड़े में शामिल होंगी 8,300 नई बसें
8,300 New Buses to be Added to ST Fleet
एसटी बेड़े में शामिल होंगी 8,300 नई बसें


मुंबई, 20 फरवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने घाटे से जूझ रहे राज्य परिवहन महामंडल (एसटी) को फिर से खड़ा करने का फैसला किया है। ग्रामीण अंचलों की जीवन रेखा माने जाने वाले एसटी महामंडल के लाल परी के बेड़े में इस साल 8,300 नई बसें शामिल की जाएंगी। यह घोषणा गुरुवार को परिवहन मंत्री व एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने की।

मंत्री सरनाईक ने बताया कि एसटी महामंडल वित्तीय दबाव में है और रोजाना 1 से 1.5 करोड़ रुपये के घाटे का सामना कर रहा है। अगर बसों की संख्या बढ़ेगी, तो यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। अगर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, तो आय में अपने आप बढ़ोतरी होगी। कोरोना महामारी से पहले एसटी के पास 18 से 19 हज़ार बसें थीं। हर दिन लगभग 66 लाख यात्री एसटी बसों से सफ़र करते थे। लेकिन महामारी और कर्मचारियों की लंबी हड़ताल के कारण पिछले चार-पांच वर्षों में बसों की खरीदारी रुक गई है। नतीजतन बसों की संख्या साल 2024के आखिर तक घटकर लगभग 12,600 रह गई है। राज्य सरकार ने महिलाओं को टिकट पर 50 प्रतिशत और सीनियर सिटिजन को 75 फीसदी किराए में छूट दी है। यात्रियों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है। फिलहाल एसटी बसों से हर दिन करीब 50 लाख यात्री सफर करते हैं। हालांकि, कई रूट्स पर फेरियों की संख्या काफी नहीं है।

सरनाईक के अनुसार एसटी की लॉन्ग-टर्म पॉलिसी के मुताबिक, अगले कुछ वर्षो में 20 से 25 हजार बसें खरीदने का इरादा है। इसे राज्य सरकार की मंजूरी मिल गई है। इस साल पहले चरण में 8,300 बसें शुरू की जाएंगी। इन बसों का नाम ‘राजमाता जिजाऊ साहेब’ रखा गया है। ये बसें भीड़भाड़ वाले रूट्स पर चलेंगी। इसमें 5,000 सामान्य बसों की टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। दूर-दराज और आदिवासी इलाकों में सर्विस देने के लिए 100 बसें चलाई जाएंगी। महामंडल का इरादा हर दिन 70 से 75 लाख यात्रियों को ले जाने के के लक्ष्य को हासिल करना है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में एसटी का रोजाना खर्च 34 से 35 करोड़ रुपये है, जबकि आय करीब 33 करोड़ रुपये है। यानी हर दिन 1 से 1.5 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। एसटी कोई प्रॉफिट कमाने वाली इंडस्ट्री नहीं है. हालांकि नुकसान से बचने के लिए खर्च और आय के बीच बैलेंस बनाना ज़रूरी है। नई बसें आने से आय ज़रूर बढ़ेगी और एसटी आर्थिक रूप से मजबूत होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार