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-मुख्यमंत्री ने दिया उच्च स्तरीय जांच का आदेश
मुंबई, 16 फरवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद आनन-फानन में 75 स्कूलों को अल्पसंख्यक स्कूल का दर्जा स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री सचिवालय ने दी।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने बताया कि जिस दिन अजित पवार की मौत हो गई थी, राज्य में तीन दिन का शोक घोषित किया गया था। लेकिन अल्पसंख्यक विभाग ने इन तीन दिनों में ७५ स्कूलों को अल्पसंख्यक का दर्जा दिए जाने का प्रमाणपत्र जारी कर दिया था। इससे इन सभी स्कूलों को अतिरिक्त लाभ होने वाला था। इससे संबंधित पोस्ट आज सुबह से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। इसे देखते ही मुख्यमंत्री ने इन सभी को दिया गया अल्पसंख्यक का दर्जा तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। साथ ही इसकी उच्च स्तरीय जांच का भी आदेश दिया है।
उल्लेखनीय है इन स्कूलों ने अल्पसंख्यक का दर्जा पाने के लिए अल्पसंख्यक विभाग में आवेदन किया था। लेकिन पूर्व अल्पसंख्यक मंत्री माणिकराव कोकाटे ने इन स्कूलों को अल्पसंख्यक का दर्जा देने से मना कर दिया था। इसके बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पास अल्पसंख्यक विभाग का काम काज आया था। अजित पवार ने भी इसे मंजूरी नहीं दी थी। लेकिन २८ जनवरी को जब अजीत पवार का बारामती में विमान हादसे में मौत हो गई, तो अल्पसंख्यक विभाग ने इन सभी स्कूलों को तीन दिन में अल्पसंख्यक के दर्जे का प्रमाणपत्र वितरित कर दिया था।
हालांकि उस समय महाराष्ट्र में तीन दिन का शोक घोषित किया गया था। इससे भी बड़ी बात और क्या होगी, जिस विभाग के मंत्री की मौत हो गई हो और उसी विभाग के अधिकारियों ने इतना बड़ा निर्णय लिया था। अल्पसंख्यक विभाग के इस कारनामे पर विपक्ष जोरदार आक्रामक हो गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव