हाड़ कपा देने वाली ठंड के बीच जिला प्रशासन ने देर रात्रि चलाया राहत अभियान,कंबल किए वितरित
-जिला प्रशासन ने क्यू-आर कोड युक्त स्टीकर किए चस्पा, क्षेत्र के रैन बसेरों की लोकेशन मिलने में होगी मदद
हाड़ कपा देने वाली ठंड के बीच जिला प्रशासन ने देर रात्रि चलाया राहत अभियान,कंबल किए वितरित


देर रात्रि अधिकारी रैन बसेरे का जाएज़ा लेते हुए


कानपुर, 09 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में शीत-लहर और हाड़ कपा देने वाली ठंड के बीच जिला प्रशासन ने राहत अभियान तेज कर दिया है। तहसील सदर क्षेत्र में देर रात्रि तक विशेष अभियान चलाकर सड़क किनारे खुले में जीवन गुजार रहे जरूरतमंदों को ठंड से बचाने की व्यवस्था की गई। प्रशासनिक टीमें शहर के उन इलाकों में पहुंचीं, जहां ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा था। यह जानकारी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उपजिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह ने देर रात्रि दी।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उपजिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह ने बताया कि तहसीलदार सदर विनय कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने प्रमुख चौराहों, बस अड्डे व रेलवे स्टेशनों के आसपास डेरा डाले लोगों से सीधा संवाद किया। मौके पर कंबल वितरित किए साथ ही खुले में सो रहे लोगों को पास के रैन बसेरों में पहुंचाकर सुरक्षित आश्रय दिलाया। कई स्थानों पर टीम ने लोगों को समझाकर खुले में रुकने से भी रोका।

उपजिलाधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत शहर में एक नई तकनीकी पहल भी की गई है। प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर क्यू-आर कोड युक्त स्टीकर चस्पा किए गए हैं। इन्हें स्कैन करने पर संबंधित क्षेत्र के रैन बसेरों की लोकेशन, वहां उपलब्ध सुविधाएं और केयरटेकर का मोबाइल नंबर एक ही स्क्रीन पर उपलब्ध हो रहा है। इससे यात्रियों, प्रवासियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को रैन बसेरों की जानकारी तत्काल मिल सकेगी।

एसडीएम सदर अनुभव सिंह ने बताया कि शीत-लहर के दौरान खुले में रह रहे लोगों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि रैन बसेरों की क्षमता, साफ-सफाई, कंबल और हीटर की व्यवस्था पर लगातार निगरानी की जा रही है और ठंड की अवधि में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद