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वाराणसी, 09 जनवरी (हि.स.)। गौहत्या के एक मामले में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर चर्चा में आईं गुजरात की न्यायाधीश रिज़वाना बुखारी ने शुक्रवार को वाराणसी में ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने न्यायाधीश रिज़वाना के श्रद्धाभाव और उनके द्वारा दिए गए निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब न्याय के सिंहासन पर आसीन कोई व्यक्ति सत्य और धर्म की रक्षा के लिए साहसिक निर्णय लेता है, तो वह राष्ट्र और संस्कृति के लिए वंदनीय बन जाता है। शंकराचार्य ने कहा कि न्यायमूर्ति रिज़वाना का यह कदम अन्य न्यायाधीशों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा। मुलाकात के दौरान गोभक्तों और संत समाज में प्रसन्नता देखी गई।
उल्लेखनीय है कि गुजरात के अमरेली जिले में बीते वर्ष नवम्बर माह में सत्र न्यायालय की न्यायाधीश रिज़वाना बुखारी ने गोहत्या के एक मामले में तीन आरोपितों—कासिम हाजी सोलंकी, सत्तार इस्माइल सोलंकी और अकरम हाजी सोलंकी को गुजरात पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2017 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दोषी ठहराया था। न्यायालय ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ-साथ प्रत्येक पर कुल 18 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। गुजरात में यह पहला मामला है, जिसमें किसी अदालत ने गोहत्या के अपराध में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई हो। इस निर्णय को न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण और नजीर स्थापित करने वाला कदम माना जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी