नाबालिग से दुष्कर्म प्रकरण में जांच अधिकारी तलब, क्रिकेटर यशदयाल को फिलहाल राहत नहीं
जयपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म करने से जुडे मामले में क्रिकेटर यशदयाल के खिलाफ जांच कर रहे अनुसंधान अधिकारी को 19 जनवरी को तलब किया है। जस्टिस प्रवीर भटनागर की एकलपीठ ने यह आदेश यशदयाल की अग्रिम जमानत याचिका पर सु
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जयपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म करने से जुडे मामले में क्रिकेटर यशदयाल के खिलाफ जांच कर रहे अनुसंधान अधिकारी को 19 जनवरी को तलब किया है। जस्टिस प्रवीर भटनागर की एकलपीठ ने यह आदेश यशदयाल की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

अग्रिम जमानत याचिका में कहा गया कि पीडिता ने घटना साल 2023 में कानपुर में होना बता रही है, जबकि मामला दो साल बाद जयपुर के सांगानेर थाने में दर्ज कराया है। इसके अलावा पीडिता ने अपने बयान में कहा है कि घटना के समय वह नाबालिग थी और उसने अपने रिश्तेदार की आईडी से होटल में कमरा बुक कराया था। इसके बावजूद पुलिस ने उस रिश्तेदार से कोई पूछताछ नहीं की है। इसके अलावा याचिकाकर्ता पीडिता से हमेशा सार्वजनिक जगह पर टीम के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में मिला था। वहीं यदि पीडिता के साथ कानपुर में दुष्कर्म हुआ तो उसके बाद वह याचिकाकर्ता के साथ अलग-अलग शहरों में क्यों गई। इसका विरोध करते हुए पीड़िता के वकील दिवेश शर्मा ने कहा कि पुलिस जांच में साबित है कि दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत होती थी। इसके अलावा पीड़िता की ओर से बताए होटलों में दोनों के ठहरने का रिकॉर्ड भी मिला है। आरोपी ने मई माह में आईपीएल मैच के दौरान पीडिता को होटल में मिलने बुलाया था और उसके साथ संबंध बनाए थे। इस दौरान पीडिता के मना करने पर उसने उसे क्रिकेट में करियर बनाने में सहायता करने और पिता के केस में आर्थिक मदद की बात कही थी। इसके अलावा घटना के समय पीडिता नाबालिग थी तो उसकी सहमति भी कोई मायने नहीं रखती है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने प्रकरण के जांच अधिकारी को पेश होने के आदेश दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक