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नई दिल्ली, 09 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह ने निगम सदन की बैठक में हुए घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने शक्रवार को एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि आज की सदन बैठक में आम आदमी पार्टी (आआपा) की नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना के सिख गुरुओं के अपमान के विरोध में एक निंदा प्रस्ताव पढ़ा जाना निर्धारित था। इसके साथ ही दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में लंबे समय से चल रही अवैध पार्किंग की गंभीर समस्या पर भी महत्वपूर्ण चर्चा प्रस्तावित थी।
महापौर ने बताया कि जैसे ही सदन में नेता सदन प्रवेश वाही ने आतिशी मार्लेना द्वारा सिख गुरुओं के अपमान के विरोध में निंदा प्रस्ताव पढ़ना प्रारंभ किया, वैसे ही आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने जानबूझकर हंगामा शुरू कर दिया। इस हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई और चर्चा को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आआपा सदन में जवाबदेही से दूर रहने के उद्देश्य से सदन की बैठक में व्यवधान उत्पन्न किया।
महापौर ने कहा कि आज की बैठक में दिल्ली में चल रही अवैध पार्किंग को लेकर भी गंभीर और आवश्यक चर्चा होनी थी, लेकिन आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होने देना चाहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आआपा के कार्यकाल के दौरान दिल्ली में जगह-जगह अवैध पार्किंग का जाल फैलाया गया और इन पार्किंग माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। उन्होंने आगे कहा कि आआपा का इन पार्किंग माफियाओं के साथ सीधा गठजोड़ रहा है और अवैध पार्किंग का संचालन उनकी मिलीभगत से किया गया। यही कारण है कि आज वे इस विषय पर किसी भी प्रकार की चर्चा से बचना चाहते हैं और सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं।
राजा इकबाल सिंह ने कहा कि पार्किंग माफ़ियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने से भी निगम पीछे नहीं हटेगा।
महापौर ने जानकारी दी कि दिल्ली नगर निगम लगातार अवैध निर्माण और अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चला रही है। यह कार्रवाई आगे भी बिना किसी दबाव के निरंतर जारी रहेगी ताकि दिल्ली को अवैध निर्माण व अतिक्रमण से मुक्त किया जा सके और नागरिकों को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके।
राजा इकबाल सिंह ने कहा कि नगर निगम सदन लोकतांत्रिक विमर्श का सर्वोच्च मंच है, जहां दिल्ली के नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा कर समाधान निकाला जाना चाहिए। लेकिन आआपा बार-बार शोर-शराबा कर इस मंच की मर्यादा को ठेस पहुंचाती है, जिससे न केवल सदन की कार्यवाही बाधित होती है बल्कि जनता के हितों की भी अनदेखी होती है।
महापौर ने कहा कि भाजपा शासित नगर निगम पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है। निगम का लक्ष्य केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं बल्कि दिल्ली को अवैध गतिविधियों से मुक्त कर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
पत्रकार वार्ता के दौरान स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही, शिक्षा समिति के अध्यक्षता योगेश वर्मा एवं अन्य पार्षद उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी