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शिमला, 09 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के मामले में शिमला पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह धमकी गुरूवार को ई-मेल के जरिए दी गई थी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
पुलिस के अनुसार यह ई-मेल एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजा गया था। इसमें दावा किया गया था कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय परिसर के आसपास और अंदर बम व विस्फोटक सामग्री (आरडीएक्स और आईईडी) लगाए गए हैं। मेल में यह भी लिखा गया था कि यह कदम तमिलनाडु के कांस्टेबलों से जुड़े नैनार दास पुलिस यूनियन की सिफारिशें लागू न होने के कारण उठाया गया है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह जानकारी भ्रामक और अफवाह फैलाने के इरादे से भेजी गई थी।
यह ई-मेल माननीय उच्च न्यायालय की आधिकारिक मेल आईडी पर प्राप्त हुआ। इसके बाद इसे शिमला पुलिस को भेजा गया। सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। एहतियात के तौर पर उच्च न्यायालय परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा जांच की गई। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान किसी भी तरह का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
इस मामले में शिमला सदर थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 351 (3), 353 (1) (b) 308 (3) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस अब ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी कहां से और किसने भेजी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा