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फिरोजाबाद, 08 जनवरी (हि.स.) न्यायालय ने गुरुवार को तमंचा बनाने की फैक्ट्री चलाने के दोषी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थाना लाइनपार पुलिस ने 4 फरवरी 2022 को बीहड़ में स्थित एक टीले पर बनी कोठरी में तमंचा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। पुलिस ने तमंचा बनाते एक अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया था।
उसका नाम राकेश पुत्र अतर सिंह बघेल है। वह संतनगर का रहने वाला है। पुलिस ने वहां से कई बने कई अधबने तमंचे कारतूस बरामद किए थे। पुलिस ने विवेचना के बाद राकेश के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश, एफटीसी कोर्ट संख्या 2 विमल वर्मा की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी एडीजीसी अजय कुमार यादव ने की।
मुकदमे के दौरान कई गवाहों ने गवाही दी। कई साक्ष्य न्यायालय के सामने पेश किए गए। गवाहों की गवाही तथा साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने राकेश को दोषी माना।
न्यायालय ने राकेश को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 15 हजार रुपया अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / कौशल राठौड़