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काठमांडू, 08 जनवरी (हि.स.)। नेपाल सरकार की नागरिकता नियमावली, 2006 के चौथे संशोधन को मंजूरी मिलने के बाद राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है। इसलिए अब पिता की पहचान अज्ञात होने की स्थिति में मां के नाम से नेपाली नागरिकता मिलने का कानूनी प्रावधान औपचारिक रूप से लागू हो गया है।
संशोधित नियमावली को मंत्रिपरिषद ने पिछले साल 25 दिसंबर को स्वीकृति दी थी। इसे 5 जनवरी को नेपाल राजपत्र में प्रकाशित किया गया। इसके साथ ही यह प्रावधान प्रभाव में आ गया है। गृह मंत्रालय ने देश के सभी 77 जिला प्रशासन कार्यालयों को नई व्यवस्था लागू करने के लिए परिपत्र भी जारी कर दिया है। यह संशोधन नेपाल नागरिकता (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2025 को व्यवहार में लागू करने के लिए किया गया है, जिसे 21 सितंबर, 2025 को राष्ट्रपति ने मंजूरी दी थी। उक्त अधिनियम में मां के नाम से नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार नियमावली में संशोधन इसलिए किया गया, ताकि कानून की व्यवस्थाएं व्यवहार में भी लागू हो सकें।
नया प्रावधान क्या कहता है?
नई व्यवस्था के तहत यदि पिता या माता में से किसी एक ने जन्म के आधार पर नेपाली नागरिकता प्राप्त की हो और दूसरा अभिभावक नागरिकता प्राप्त करने से पहले मृत्यु को प्राप्त हो गया हो या लापता हो, तो निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज पूरे करने पर संतान को अंगीकृत नेपाली नागरिकता दी जा सकेगी। सरकार के अनुसार इस संशोधन का उद्देश्य सेवाओं की आपूर्ति को सरल और अधिक प्रभावी बनाना है। गृह मंत्रालय का कहना है कि यह संशोधन नागरिकता प्राप्त करने में नागरिकों को लंबे समय से आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए किया गया है।
इसी तरह, नेपाली मां से विदेश में जन्मे ऐसे व्यक्ति, जिन्होंने विदेशी नागरिकता या पासपोर्ट प्राप्त नहीं किया है, जिनके पिता की पहचान स्थापित नहीं हो पा रही है और जो स्थायी रूप से नेपाल में रह रहे हैं, उन्हें भी अंगीकृत नागरिकता प्रदान की जा सकेगी। ऐसे मामलों में अब मुख्य जिला अधिकारी को आवश्यक जांच करने और प्राकृतिकीकृत नेपाली नागरिकता जारी करने का अधिकार दिया गया है। पहले वैवाहिक अंगीकृत नागरिकता को छोड़कर इस प्रकार की नागरिकता केवल गृह मंत्रालय के निर्णय से ही दी जाती थी।
संशोधित नियमों में अब अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ-साथ स्वघोषणा को भी नागरिकता जारी करने का एक महत्वपूर्ण आधार माना गया है और इसके लिए एक निर्धारित प्रारूप भी तय किया गया है। साथ ही नाबालिग परिचय पत्र (माइनर आइडेंटिटी कार्ड) के वितरण से संबंधित प्रावधान भी जोड़े गए हैं, जिन्हें पहले के कानूनों में स्पष्ट रूप से संबोधित नहीं किया गया था। इसके अतिरिक्त इसमें नया प्रावधान यह भी जोड़ा गया है कि नेपाली पुरुष से विवाह करने वाली विदेशी महिला को वैवाहिक अंगीकृत नागरिकता प्राप्त करने से पहले नेपाल में रहने के लिए वैध और नियमित वीज़ा होना अनिवार्य होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास