इंदौरः किसानों को अब ई-टोकन से मिलेगा खाद, कृषि विभाग के अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
इंदौर, 08 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश में किसानों को सरलता, सुलभता एवं रियल टाइम पारदर्शिता के साथ उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ई-विकास प्रणाली शुरू की गई है। इस प्रणाली के माध्यम से किसानों को ई-टोकन से खाद का ‍वितरण किया जाएगा। इस प्रणाली के
प्रशिक्षण


इंदौर, 08 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश में किसानों को सरलता, सुलभता एवं रियल टाइम पारदर्शिता के साथ उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ई-विकास प्रणाली शुरू की गई है। इस प्रणाली के माध्यम से किसानों को ई-टोकन से खाद का ‍वितरण किया जाएगा। इस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए इंदौर जिले में गुरुवार को कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक वर्णवाल की अध्यक्षता में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में संभाग के संयुक्त संचालक कृषि, संभाग के समस्त उप संचालक कृषि, क्षेत्रीय प्रबंधक मार्कफेड, क्षेत्रीय प्रबंधक एमपी एग्रो एवं जिला विपणन अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, प्रबंधक सहकारी समितियों, विपणन समितियों एवं विपणन संघों से संबंधित गोदाम प्रभारी तथा ऑपरेटर्स उपस्थित रहें। इस दौरान ई-टोकन प्रणाली के तकनीकी पहलुओं, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के तरीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं चर्चा की गई।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक सीएल केवड़ा ने बताया कि कृषकों को समयसीमा में पारदर्शिता के साथ उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा ई-टोकन एवं उर्वरक वितरण प्रणाली लागू की जा रही है। बताया गया कि कृषक स्वयं भी अपनी सुविधा अनुसार उर्वरक क्रय कर सकते है। इसके लिए किसान अपने मोबाइल के माध्यम से निम्नानुसार प्रक्रिया कर ई-टोकन जारी कर , गूगल पर https://etoken.mpkrishi.org लिंक के माध्यम से कृषक अपने आधार नंबर एवं ओटीपी फीड कर लॉग इन कर सकते है।

उन्होंने बताया कि लॉग इन करने के उपरांत पोर्टल पर एग्री स्टैक (फार्मर आई.डी.) से कृषि भूमि अपडेट होकर, मौसम एवं फसल का चयन करने के उपरांत फसल तथा कृषि भूमि अनुसार वैज्ञानिक आधार पर उर्वरको की गणना होकर पोर्टल पर स्वतः अपडेट होगी, उसके बाद यदि कृषक सहकारी समिति के सदस्य है या नहीं का चयन करेंगे, पोर्टल पर प्रदर्शित होने के उपरांत कृषक भाई उर्वरक विक्रेता मार्कफेड, एम.पी. एग्रो, विपणन समिति एवं निजी उर्वरक विक्रेताओ के यहाँ उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित होगी, जिसमे किसान अपनी सुविधा अनुसार उर्वरक विक्रेताओ का चयन कर ई-टोकन जारी हो जायेगा। किसान चयनित उर्वरक विक्रेताओ के यहाँ से 3 दिन के अंदर उर्वरक क्रय कर सकते है। किसान विक्रेता के यहां जायेगे तो विक्रेता द्वारा मोबाईल ऐप से किसान का ई-टोकन स्कैन किया जायेगा और उर्वरक वितरण की पुष्टि की जाएगी। किसान उर्वरक प्राप्ति के बाद किसानों को SMS एवं WhatsApp के माध्यम से भी भुगतान रसीद प्राप्त होगी। यदि किसी किसान द्वारा 3 दिन के अंदर खाद क्रय नहीं किया जाता है, तो टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा, ऐसी स्थिति में 3 दिन के बाद दोबारा ई-टोकन जनरेट करना होगा।

कृषि उपसंचालक ने बताया कि जिले में विगत दिवस समस्त पंजीकृत थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को भी इस प्रणाली के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। इसमें खुदरा स्तर पर ई-विकास प्रणाली के प्रयोग, किसानों की सेवा प्रदान करने की प्रक्रिया और सिस्टम में होने वाली संभावित चुनौतियों के समाधान पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को जिले के उप संचालक कृषि सी. एल. केवडा एवं सहायक संचालक कृषि संदीप यादव, विजय जाट एवं अनुविभागीय कृषि अधिकारी शोभाराम एस्के, कृषि विकास अधिकारी सी.एल. मालवीय भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस नवीन ई-विकास प्रणाली से न केवल किसानों को उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और दक्षता भी बढे़गी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से इस नवीन ई-विकास प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू करने और किसान हित में कार्य करने का आग्रह किया।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर