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चित्तौड़गढ़, 08 जनवरी (हि.स.)। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में करीब डेढ़ माह पूर्व भाजपा नेता एवं कुरियर व्यवसाई की हत्या के मामले में पुलिस ने भजनराम को गिरफ्तार किया है, जो कि रामस्नेही संप्रदाय का संत बताया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ में जुटी हुई है। भजनाराम पर हत्या के मामले में रामद्वारा चित्तौड़गढ़ के संत रमताराम को शूटर उपलब्ध कराने का आरोप है। फिलहाल रमताराम पुलिस गिरफ्त से दूर है।
चित्तौड़गढ़ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरितासिंह ने बताया शहर में गत वर्ष 11 नवंबर को स्कूटी पर जा रहे कुरियर व्यवसाई रमेश ईनाणी की दिन दहाड़े महाराणा प्रताप सेतू मार्ग पर गोली मार कर हत्या कर दी थी। बाइक पर आए एक व्यक्ति ने गोली मार कर ईनाणी की हत्या कर दी थी। इस पर पुलिस ने उत्तरप्रदेश के वाराणसी जिले के चितईपुर, पोस्ट सुंदरपुर, हिन्दू विश्वविद्यालय निवासी मनीष कुमार उर्फ कमल पुत्र हीरालाल दूबे को गिरफ्तार कर लिया। इससे वारदात के संबंध में विस्तृत पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। इस मामले में मृतक के परिजनों ने अपनी रिपोर्ट में बूंदी रोड स्थित रामद्वारा के संत रमताराम पर संदेह व्यक्त किया गया था। वहीं पुलिस ने मनीष दूबे से अनुसंधान किया। इसमें भजनाराम के संत रमाताराम को शूटर उपलब्ध करवाने का आरोप है। इस पर पुलिस ने पाली जिले के बाली निवासी भजनराम गुरु पुत्र मोहनराम को भी नामजद कर लिया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गुरुवार रात को कोतवाली पुलिस ने आरोपित भजनराम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इससे पूछताछ में जुटी है। वहीं रमताराम को भी गिरफ्तार कर लिया।
रमताराम का जमानत आवेदन खारिज
इधर, जानकारी में सामने आया कि गिरफ्तारी की आहट के बाद नामजद आरोपित रामद्वारा चित्तौड़गढ़ का संत रमाताराम फरार हो गया था। इसके कुछ समय बाद रमताराम ने न्यायालय में अग्रिम जमानत का आवेदन किया। लेकिन पुलिस ने रमेश ईनाणी और संत रमताराम के बीच चल रहे जमीन विवाद, शूटर तक पैसा अलग-अलग खातों से ट्रांसफर करने, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन सहित अन्य डिजिटल सबूत, दोनों के बीच वॉट्सऐप कॉलिंग, व्हाट्सएप चैट आदि की जानकारी देने पर न्यायालय ने जमानत आवेदन रद्द कर दिया था। इसके बाद रमताराम की गिरफ्तारी के कयास तेज हो गए थे। वहीं रमताराम 24 नवंबर से फरार है। रमताराम की गिरफ्तारी लिए पुलिस की टीमें इसके ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने संत रमताराम के पुश्तैनी मकान मध्यप्रदेश के इंदौर और उसके रिश्तेदारों के यहां पर भी दबिश दी है। लेकिन उसका कोई पता नहीं लगा।
जेल से गिरफ्तार कर दूबे को फिर लिया रिमांड
इधर, जानकारी में सामने आया कि पुलिस ने फायरिंग के आरोपित मनीष दूबे को एक बार रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया था। लेकिन अनुसंधान में जरूरत होने पर तीन दिन पूर्व जिला जेल से एक बार फिर मनीष दूबे को गिरफ्तार कर पुलिस टीम वाराणसी पहुंची दबिश देने गई थी। वहां से आने के बाद गुरुवार को संत भजनाराम को गिरफ्तार किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल