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शिमला, 05 जनवरी (हि.स.)। राजधानी शिमला में उस समय हड़कंप मच गया, जब संजौली थाना क्षेत्र से 15 साल की एक नाबालिग लड़की घर से लापता हो गई और घर में उसका मोबाइल फोन व एक सुसाइड नोट मिला। परिजनों की चिंता उस समय और बढ़ गई, जब देर शाम तक किशोरी का कोई सुराग नहीं लगा। हालांकि सोमवार को दिन में लड़की के खुद ही घर लौट आने से परिवार और पुलिस दोनों ने राहत की सांस ली।
पुलिस के अनुसार नाबालिग किसी बात को लेकर परिजनों से नाराज़ थी और इसी वजह से घर छोड़कर अपनी एक सहेली के घर चली गई थी। नाराज़गी के चलते उसने घर में एक पत्र छोड़ दिया था, जिसमें वापस न आने जैसी बातें लिखी गई थीं। इसके साथ ही उसने अपना मोबाइल फोन भी घर पर ही छोड़ दिया था। इन हालात को देखकर परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सोमवार को दिन में परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी खुद ही घर लौट आई है और पूरी तरह सुरक्षित है। इसके बाद पुलिस ने लड़की से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि किशोरी ने किसी गंभीर इरादे से घर नहीं छोड़ा था, बल्कि वह भावनात्मक रूप से परेशान होकर सहेली के घर चली गई थी। पुलिस ने किशोरी और परिजनों दोनों को समझाइश दी है।
पुलिस का कहना है कि नाबालिग के सुरक्षित मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति की समीक्षा की जा रही है। साथ ही परिवार को सलाह दी गई है कि बच्चों से संवाद बनाए रखें, ताकि इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।
बता दें कि लापता किशोरी मूल रूप से शिमला जिला के रामपुर क्षेत्र की रहने वाली है और परिवार के साथ संजौली में रहती थी। किशोरी की बड़ी बहन की शिकायत पर संजौली थाना में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया था कि 4 जनवरी को दोपहर करीब तीन बजे किशोरी बिना किसी स्पष्ट कारण के घर से बाहर गई थी और वापस नहीं लौटी। घर से उसका मोबाइल फोन और एक सुसाइड नोट मिला था, जबकि वह करीब एक हजार रुपये नकद अपने साथ ले गई थी। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी, लेकिन इससे पहले ही लड़की के सकुशल घर लौट आने की सूचना मिल गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा