उप्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर का होगा निर्माण
- ओडिशा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई वार्ता -राज्य में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए इमरजेंसी सेण्टर अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा परिपूर्ण लखनऊ, 05 जनवरी (हि.स.)। राहत आयुक्त हृषिकेश भास्क
ओडिशा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई वार्ता


ओडिशा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई वार्ता


- ओडिशा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई वार्ता

-राज्य में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए इमरजेंसी सेण्टर अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा परिपूर्ण

लखनऊ, 05 जनवरी (हि.स.)। राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ओडिशा राज्य के राहत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में ओडिशा में संचालित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) की कार्यप्रणाली, संरचना एवं बेस्ट प्रैक्टिसेस को समझने के साथ ही उत्तर प्रदेश में शीघ्र प्रारंभ होने वाले (एसईओसी) को अधिक प्रभावी, सक्षम एवं आधुनिक बनाने हेतु ठोस रणनीतियों पर विचार विमर्श किया गया।

बैठक में प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के प्रबंधन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इनमें बादल फटना, शीत लहर, सूखा, भूकंप, बाढ़, अग्निकांड, डूबने की घटनाएं, लू, आकाशीय बिजली तथा सर्पदंश इत्यादि आपदाओं के पूर्वानुमान, त्वरित प्रतिक्रिया, अंतर विभागीय समन्वय, सूचना प्रबंधन, संसाधनों की उपलब्धता एवं समुदाय स्तर पर जागरूकता जैसे पहलुओं को विशेष रूप से सम्मिलित किया गया।

ओडिशा राज्य के राहत विभाग द्वारा अपने(एसईओसी) की संरचना, 24×7 संचालन प्रणाली, आईटी आधारित निर्णय समर्थन प्रणाली, रियल टाइम डेटा विश्लेषण, अलर्ट एवं चेतावनी तंत्र, तथा फील्ड स्तर पर समन्वय की सफल कार्यप्रणालियों को साझा किया गया। इन अनुभवों को उत्तर प्रदेश में इमरजेंसी ऑपरेशन की स्थापना एवं संचालन में कार्यान्वित किये जाने पर विचार किया गया, जिससे आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक सुदृढ़ और उत्तरदायी बनाया जा सके।

इसके अतिरिक्त राहत आयुक्त द्वारा तकनीकी, प्रबंधन एवं क्षमता निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किया गया । राहत आयुक्त द्वारा डिजाइन, प्रक्रियाओं के मानकीकरण प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल, तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के एकीकरण पर व्यावहारिक सुझाव दिया गया। बैठक के अंत में विचार किया गया कि ओडिशा के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अनुभवों के आधार पर उत्तर प्रदेश में एक विश्वस्तरीय, तकनीकी, सक्षम और समन्वित राज्य स्तरीय इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो आपदा के पूर्व, दौरान और पश्चात प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेगा तथा जन-धन की क्षति को न्यूनतम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह बैठक अंतरदृराज्यीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई है और भविष्य में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर समन्वय एवं क्षमता निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी।

राहत आयुक्त ने बताया कि इसके बाद कर्नाटक और महाराष्ट्र में संचालित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के कार्यकलापों तथा तकनीकी पक्ष को देखा और समझा जाएगा l इसके पश्चात बेस्ट प्रक्टिसेस के आधार पर उत्तर प्रदेश में राज्य स्तरीय ऑपरेशन सेण्टर को संचालित किया जाएगा l इसके निर्माण व संचालन में टेक्नीकल सुझाव के लिए केपीएमजी को पीएमयू के रूप में स्थापित किया गया है l उसके सुझाव और अध्ययन के आधार उत्तर प्रदेश में अत्याधुनिक उपकणों से सुसज्जित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेण्टर का निर्माण होगा l

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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह