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कोलकाता, 05 जनवरी (हि.स.)। बीरभूम जिले के रामपुरहाट निवासी सोनाली खातून ने बेटे को जन्म दिया है। गर्भवती हालत में ही उन्हें बांग्लादेश भेज दिया गया था, जिसके बाद विवाद बढ़ने पर काेर्ट के आदेश पर उसे वापस लौटाया गया था। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व लाेकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोनाली और नवजात को शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह 6 जनवरी को बीरभूम दौरे के दौरान व्यक्तिगत रूप से अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात करेंगे।
सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि जिस अन्याय का सोनाली को सामना करना पड़ा, उसकी पृष्ठभूमि में यह खुशी का क्षण और भी अधिक भावुक तथा महत्वपूर्ण हो जाता है।
सोनाली खातून दिल्ली में घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती थीं। आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें “बांग्लादेशी” बताकर हिरासत में लिया और गर्भवती होने के बावजूद बीएसएफ ने उन्हें “पुश बैक” कर बांग्लादेश भेज दिया। सोनाली को कथित तौर पर वहां एक अपराधी की तरह हिरासत में रखा गया। बाद में सोनाली और उनके परिवार ने लगातार कानूनी व सामाजिक स्तर पर लड़ाई जारी रखी। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी कई बार सार्वजनिक रूप से आवाज उठाते रहे।
सूत्रों के अनुसार, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय
के निर्देशों के बावजूद सोनाली की वापसी में देरी के आरोप लगे थे। करीब छह माह के संघर्ष के बाद सोनाली 5 दिसंबर, 2025 को भारत लौटीं। उस समय वह गर्भावस्था में थी। भारत लौटने पर सोनाली और उनके परिजनों ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के प्रति आभार जताया था।
जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम करीब पांच बजे सोनाली को रूटीन चेकअप के लिए पाईकर अस्पताल ले जाया गया था, जहां से उन्हें रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। रात करीब 9 बजे उन्हें भर्ती कराया गया। सोमवार सुबह लगभग 11 बजे उसने पुत्र काे जन्म दिया। बताया गया है कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। परिवार ने नवजात का नाम अभी तय नहीं किया है।
सोनाली के पड़ोसी रोहन अली ने बताया कि अभिषेक बनर्जी मंगलवार को अस्पताल आएंगे और सोनाली से मिलेंगे। वहीं, राज्यसभा में तृणमूल सांसद समीरुल इस्लाम ने कहा कि सोनाली ने पहले इच्छा जताई थी कि बच्चे का नामकरण मुख्यमंत्री करें।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर