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कोलकाता, 6 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)
के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब अदालत का दरवाजा खटखटाने का ऐलान किया है। सोमवार को गंगासागर से मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार को कोर्ट खुलते ही वह वहां जाएंगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि जरूरत पड़ी तो वह खुद मामले में अपनी बात रखेंगी।
मुख्यमंत्री ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यह लड़ाई अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि हम भी कानून का सहारा ले रहे हैं और उसी रास्ते पर चलेंगे। ममता बनर्जी ने कहा कि इतने लोगों की मौत हो रही है, लोगों को परेशान किया जा रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो वह खुद आवेदन करेंगी और अदालत से बोलने की अनुमति लेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह वकील के रूप में नहीं, बल्कि एक सामान्य नागरिक के तौर पर कोर्ट में अपनी बात रखेंगी और जमीनी हकीकत को सामने रखेंगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने नाम लिए बिना मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एक बार फिर कटाक्ष किया। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, मिस्टर वैनिश कुमार, बंगाल में कोई डिटेंशन कैंप नहीं होगा। ममता ने दोहराया कि एसआईआर में नाम जोड़ने के लिए लोग खुद आगे आना चाहते हैं, लेकिन इस प्रक्रिया को जल्दबाजी में नहीं, बल्कि दो साल का समय लेकर किया जाना चाहिए था।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर सुनवाई के दौरान बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया अमानवीय है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर