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पूर्व मेदिनीपुर, 05 जनवरी (हि. स.)। कड़ाके की ठंड के बीच महिषादल इलाके में माहौल अचानक गर्म हो गया है। महिषादल थाना क्षेत्र के गड़ कमलपुर गांव में सोमवार तड़के अज्ञात बदमाशों द्वारा एकाधिक प्रतिमाओं को तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना सामने आई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गड़ कमलपुर गांव के नहर किनारे काठाल पट्टी इलाके में कई मूर्तिकार सरस्वती व काली प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे थे। सोमवार सुबह कारीगर जब कार्यस्थल पर पहुंचे, तो देखा कि कई प्रतिमाएं पूरी तरह तोड़कर जमीन पर गिरा दी गई हैं। अनुमान है कि रविवार देर रात अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
पूजा से पहले तैयार की जा रही और पहले से बुक की गई प्रतिमाओं के नष्ट होने से मूर्तिकारों और व्यवसायियों में भारी चिंता है। उनका कहना है कि यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं पर भी सीधा प्रहार है।
घटना के बाद पीड़ित मूर्तिकारों ने महिषादल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। भाजपा ने घटना को कानून-व्यवस्था की विफलता बताते हुए प्रशासन पर निशाना साधा है। महिषादल पंचायत समिति में विपक्ष के नेता रघुनाथ पंडा ने सोशल मीडिया पर क्षतिग्रस्त प्रतिमाओं की तस्वीर साझा कर पुलिस और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। भाजपा का आरोप है कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ती जा रही है।
वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। तृणमूल नेताओं का कहना है कि भाजपा चुनाव से पहले माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। हालांकि तृणमूल ने भी दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है और स्पष्ट किया है कि इस घटना में राजनीति का रंग नहीं मिलाया जाना चाहिए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन जांच की जा रही है। यह किसी पुरानी व्यावसायिक रंजिश का परिणाम है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश, सभी पहलुओं की जांच हो रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर बदमाशों की तलाश जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता