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नई दिल्ली, 05 जनवरी (हि.स.)। उत्तर-पश्चिम जिले के आदर्श नगर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपहृत युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस दौरान मुख्य आरोपित को भी गिरफ्तार किया है। यह अपहरण बकाया कर्ज की रकम वसूलने के लिए किया गया था।
उत्तर-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने साेमवार काे प्रेस वार्ता कर बताया कि 27 दिसंबर को आदर्श नगर थाना क्षेत्र के पंचवटी इलाके में आज़ादपुर मंडी के सामने एक व्यक्ति को कार में जबरन अगवा किए जाने की सूचना पीसीआर कॉल के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी। शुरुआती सूचना देने वाला राहगीर था, जिसके पास घटना से जुड़ी अधिक जानकारी नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इसी बीच 29 दिसंबर को आदर्श नगर निवासी शिकायतकर्ता प्रियांशु शुक्ला आदर्श नगर थाने पहुंचे और बताया कि उनके दोस्त गुड्डू सरोज का 27 दिसंबर की शाम करीब 7:30 बजे अपहरण कर लिया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपित राजाराम (निवासी जलना, महाराष्ट्र) द्वारा गुड्डू की रिहाई के बदले पैसे की मांग की जा रही है। इस संबंध में थाना आदर्श नगर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई। जिसने 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि पीड़ित को सफेद रंग की मारुति स्विफ्ट डिज़ायर कार में जबरन बैठाकर ले जाया गया था। वाहन महाराष्ट्र के जलना जिले में पंजीकृत पाया गया। पुलिस ने तकनीकी निगरानी के आधार पर महाराष्ट्र के जलना जिले पहुंची और 31 दिसंबर व 1 जनवरी की दरम्यानी रात को घनसावंगी थाना क्षेत्र के पनेवाड़ी गांव स्थित खेतों से अपहृत युवक गुड्डू सरोज को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इसी दौरान मुख्य आरोपित ज्ञानेश्वर चव्हाण (40) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारी के अनुसार बरामदगी के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। पुलिस के अनुसार, मामूली चूक भी पीड़ित की जान के लिए खतरा बन सकती थी, लेकिन टीम ने संयम, साहस और दृढ़ता का परिचय देते हुए युवक को सुरक्षित छुड़ा लिया।
कर्ज की रकम वसूलने के लिए रची गई थी साजिश
पूछताछ में आरोपित ज्ञानेश्वर चव्हाण ने खुलासा किया कि उसने अपने भाई राजाराम और सहयोगी सोमनाथ उदाडंगे के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची थी। आरोपित ने बताया कि पीड़ित द्वारा लिया गया पुराना कर्ज वसूलने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया। घटना में प्रयुक्त वाहन सोमनाथ के ससुर के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस अन्य फरार आरोपित की तलाश में जुटी हुई है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी