राजाजी पार्क : लावारिस मिला गज शिशु बना आकर्षण का केंद्र
हरिद्वार, 31 जनवरी (हि.स.)। हाथियों का घर कहे जाने वाले राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज के एलिफेंट कैंप में इन दिनों एक नन्हा मेहमान वन विभाग और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह मेहमान हाथी का एक छोटा बच्चा है, जो अपने झुंड से बिछड़ गया
कैंपिंग चार्ज से लाड़ करता हाथी का बच्चा


दूध पीता हाथी का बच्चा


हरिद्वार, 31 जनवरी (हि.स.)। हाथियों का घर कहे जाने वाले राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज के एलिफेंट कैंप में इन दिनों एक नन्हा मेहमान वन विभाग और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह मेहमान हाथी का एक छोटा बच्चा है, जो अपने झुंड से बिछड़ गया था। जंगल में असहाय अवस्था में मिला यह नन्हा हाथी अब पूरी तरह स्वस्थ है और कैंप परिसर में अपनी अठखेलियों से सबका मन मोह रहा है। राजाजी पार्क की टीम इसकी देखभाल अपने परिवार के बच्चे की तरह कर रही है।

दो सप्ताह पहले 18 जनवरी को जब श्यामपुर फॉरेस्ट रेंज के खारा इलाके में वनकर्मी रोजाना की तरह गश्त कर रहे थे, तभी उनकी नजर जंगल में इस नवजात गज शिशु पर पड़ी। बच्चा बहुत छोटा था और अकेला व लाचार हालात में था। वनकर्मियों ने यह सूचना बड़े अधिकारियों को दी। अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और नन्हे हाथी का रेस्क्यू किया गया। काफी कोशिशों के बाद भी जब इसके हाथी झुंड का कहीं पता नहीं चला, तो सुरक्षा की दृष्टि से इसे चीला रेंज स्थित एलिफेंट कैंप में शिफ्ट किया गया।

फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की एसडीओ पूनम कैंथोला ने बताया कि नन्हा हाथी अब तेजी से रिकवर कर रहा है। डॉक्टर उसका लगातार चेकअप कर रहे हैं और सुखद बात यह है कि उसका वजन अब बढ़ रहा है। इस छोटे हाथी को पर्याप्त मात्रा में दूध दिया जा रहा है।

एलिफेंट कैंप इंचार्ज कंचन नौटियाल ने बताया कि यह नन्हा गजराज अब वनकर्मियों के साथ काफी घुल-मिल गया है। इसे हर एक घंटे में दूध चाहिए होता है। दूध पीने के बाद यह पूरे परिसर में दौड़ता-भागता है और खेलता है। उसकी हरकतों को देखकर कैंप में मौजूद कर्मचारी अपनी थकान भूल जाते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला