आरक्षण की राजनीति: योग्यता, न्याय और यूजीसी ‘समता’ का जाल
- डॉ. प्रियंका सौरभ भारत की आरक्षण नीति, जो कभी सामाजिक न्याय का औज़ार थी, आज पहचान की राजनीति और योग्यता की बहस के बीच फँस चुकी है। सवर्ण युवाओं की जाति रहित दृष्टि को व्यवस्था लगातार नकारती रही है, जबकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए समता संवर्

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