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मदुरै, 16 जनवरी (हि.स.)। तमिलनाडु में पोंगल पर्व के अवसर पर आयोजित होने वाली पारंपरिक जल्लीकट्टू प्रतियोगिताओं की श्रृंखला के तहत आज मदुरै जिले के पलामेडु में विश्व प्रसिद्ध जल्लीकट्टू प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन राज्य के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने झंडा दिखाकर किया। इस अवसर पर मदुरै के जिला कलेक्टर प्रवीण कुमार सहित जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पलामेडु जल्लीकट्टू प्रतियोगिता की शुरुआत सांडों को काबू में करने वाले खिलाड़ियों को शपथ दिलाकर की गई। इसके बाद मंदिर से जुड़े सांडों को सबसे पहले मैदान में छोड़ा गया, जो इस पारंपरिक आयोजन का विशेष आकर्षण माना जाता है। इसके पश्चात प्रतियोगिता का पहला दौर आरंभ हुआ, जिसमें 100 सांडों और 50 खिलाड़ियों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मैदान में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से अधिक सांडों को वश में करने वाले खिलाड़ियों की जानकारी दर्शकों को दी जा रही है। पलामेडु जल्लीकट्टू को कई चरणों में आयोजित किया गया है और प्रत्येक चरण में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को अलग-अलग रंग की जर्सी पहननी अनिवार्य की गई है, ताकि उनकी पहचान आसानी से की जा सके।
प्रतियोगिता शुरू होने से पहले सभी सांडों और खिलाड़ियों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सा दल द्वारा फिट घोषित किए जाने के बाद ही उन्हें मैदान में उतरने की अनुमति दी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी खिलाड़ी या सांड के मालिक को तत्काल अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता को देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ तमिलनाडु के अन्य जिलों, विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी बड़ी संख्या में दर्शक पलामेडु पहुंचे हैं। आयोजन स्थल पर भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस विभाग की ओर से कड़े सुरक्षा के इंतज़ाम किए गए हैं। पूरे क्षेत्र में निगरानी के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
इसके अलावा, प्रतियोगिता के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा दल, एंबुलेंस और पशु चिकित्सकों की टीमें लगातार तत्पर अवस्था में तैनात हैं। घायल खिलाड़ियों और सांडों को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सांडों और खिलाड़ियों को विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा
उल्लेखनीय है कि पोंगल पर्व के तहत इससे पहले 15 जनवरी को अवनियापुरम में जल्लीकट्टू प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई थी, जबकि 17 जनवरी को अलंगानल्लूर में अंतिम और सबसे बड़े आयोजन का आयोजन किया जाएगा।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV