केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पदयात्रा में भाग लिया -बीएसएफ को दान की गई भूमि का स्थानीय निवासियों को मुआवजा और सीमावर्ती क्षेत्रों में महिला बटालियन गठित करने की घोषणा की
कठुआ, 07 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने स्थानीय निवासियों को भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास चैकियाँ और अन्य सुरक्षा प्रतिष्ठान स्थापित करने के लिए बीएसएफ को दान की गई जमीन के बदले मुआवजा देने का निर्णय
Union Minister Dr Jitendra Singh participated in the Padyatra to commemorate the 150th anniversary of the national song Vande Mataram.


कठुआ, 07 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने स्थानीय निवासियों को भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास चैकियाँ और अन्य सुरक्षा प्रतिष्ठान स्थापित करने के लिए बीएसएफ को दान की गई जमीन के बदले मुआवजा देने का निर्णय लिया है। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में एक महिला बटालियन गठित करने की घोषणा की जिसके लिए जल्द ही भर्ती शुरू होगी। यह बाते केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हीरानगर में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित पदयात्रा में भाग लेते हुए कहीं।

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव के तहत केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को हीरानगर सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर जीरो लाइन के पास सीमावर्ती गाँव लोंडी मोड़ में एक पैदल मार्च का नेतृत्व किया। इस अवसर पर जितेंद्र सिंह ने सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कई कदमों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने स्थानीय निवासियों को भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास चैकियाँ और अन्य सुरक्षा प्रतिष्ठान स्थापित करने के लिए बीएसएफ को दान की गई जमीन के बदले मुआवजा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन दानदाताओं को वित्तीय सहायता वितरित करने के लिए मुआवजा योजना की रूपरेखा तैयार करेगा।

इससे पहले बड़ी संख्या में छात्रों, बीएसएफ जवानों, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय प्रशासन और पुलिस कर्मियों के साथ, डॉ. जितेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय गीत के जयघोष और ढोल-नगाड़ों के बीच लोंडी मोड़ स्थित प्राथमिक विद्यालय से वंदे मातरम पदयात्रा का नेतृत्व किया। यह पदयात्रा शून्य रेखा के पास तपन स्थित सीमा चैकी (बीओपी) पर समाप्त हुई। बीओपी तपन में एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस गीत ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इसके ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व को समझते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गीत, वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशव्यापी समारोह आयोजित करने का निर्देश दिया था। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि साल भर चलने वाले ये समारोह वर्तमान पीढ़ी को यह समझने का अवसर प्रदान करते हैं कि वंदे मातरम का सार केवल स्वतंत्रता आंदोलन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान की रक्षा और संरक्षण में गहराई से निहित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया