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गुवाहाटी, 18 नवम्बर, (हि.स.) । असम के सांस्कृतिक आइकन जुबिन गर्ग की जयंती पर मंगलवार को राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल ने कहा कि जुबिन गर्ग संगीत और संस्कृति की दुनिया के ऐसे व्यक्तित्व थे, जिनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “जुबिन आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी संगीत ध्वनि करोड़ों दिलों में आज भी जीवित है।”
राज्यपाल ने कहा कि जुबिन केवल संगीत रचते ही नहीं थे, बल्कि वे उसी में जीते थे। उनके गीतों में असम की लोक-परंपरा, भावनाएं और आधुनिक सृजनशीलता का सुंदर संगम मिलता है। राज्यपाल ने कहा कि उनकी जयंती पर उन्हें याद करना और श्रद्धांजलि देना कला और प्रेम के एक उत्सव को मनाने जैसा है, क्योंकि सच्चे कलाकार कभी दूर नहीं जाते—वे अपनी रचनाओं के माध्यम से अमर रहते हैं।
उन्होंने सभी से अपील की कि जुबिन गर्ग के सपनों का असम बनाने के लिए मानवता और करुणा की भावना के साथ मिलकर आगे बढ़ें।
राज्यपाल के आयुक्त एवं सचिव एसएस मीनाक्षी सुंदरम् सहित राजभवन के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी जुबिन गर्ग की स्मृति में पुष्पांजलि अर्पित की। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश