अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विद्यार्थियों का व्यापक होता है दृष्टिकोण : डॉ. श्वेता त्रिवेदी
आईवीआरआई में पूर्व छात्रा डॉ. श्वेता त्रिवेदी ने छात्रों और शिक्षकों से की प्रेरक चर्चा
आईवीआरआई में डॉ. श्वेता त्रिवेदी विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ संवाद करती हुईं।


बरेली, 11 नवंबर (हि.स.) । आईसीएआर–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), इज्जतनगर में मंगलवार काे नॉर्थ कैरोलाइना स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका की प्रोफेसर और वेटपैक निदेशक डॉ. श्वेता त्रिवेदी ने अपने पूर्व संस्थान में वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ प्रेरक संवाद सत्र किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने की।

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि संस्थान में लौटकर उन्हें गर्व और खुशी का अनुभव हो रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को सतत सीखने और अभ्यास के महत्व पर जोर दिया। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि अमेरिका में उन्होंने विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन कार्यक्रम और सामुदायिक सेवा परियोजनाओं से जोड़ने के कई अवसर प्रदान किए। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विद्यार्थियों का दृष्टिकोण व्यापक होता है और वे वैश्विक नागरिक के रूप में विकसित होते हैं।”

डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि पूर्व छात्रा का संस्थान से पुनः जुड़ना गर्व का विषय है। उन्होंने इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप बताया, जो बहुविषयकता, लचीलापन और वैश्विक सहयोग पर जोर देती है। उन्होंने कहा कि IVRI अपने शैक्षणिक और अनुसंधान मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

अंतरराष्ट्रीय संबंध प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. जी. तरू शर्मा ने बताया कि यह पहल संस्थान की वैश्विक दृश्यता और सहभागिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम अब नियमित रूप से प्रत्येक माह आयोजित किए जाएंगे।

संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. एस. के. मेंदीरत्ता ने डॉ. त्रिवेदी की प्रेरक यात्रा और उपलब्धियों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंशुक शर्मा एवं डॉ. मीमांसा शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ज्ञानेन्द्र सिंह ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संस्थान के सभी वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

डॉ. त्रिवेदी का यह संवाद सत्र विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणा और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर साबित हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार