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बाराबंकी, 17 अगस्त (हि.स.)। सावन मास के तीसरे सोमवार पर प्रसिद्ध तीर्थस्थल लोधेश्वर महादेवा में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार शाम से ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। देर रात तक पूरा मेला क्षेत्र शिवभक्तों से खचाखच भर गया। अर्धरात्रि से ही मंदिर के कपाट खोल दिए गए और हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान लोधेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया।
लखनऊ, उन्नाव, कानपुर, झांसी, उरई, जालौन, एटा, इटावा, मैनपुरी, कन्नौज, हमीरपुर, रायबरेली, सीतापुर, बहराइच, गोंडा और अयोध्या समेत प्रदेश के तमाम जिलों से श्रद्धालु दुपहिया व चौपहिया वाहनों से महादेवा पहुंचे। बड़ी संख्या में शिवभक्त ट्रेनों से बुढ़वल जंक्शन पहुंचकर वहां से महादेवा के लिए रवाना हुए। हजारों युवाओं ने डाक कांवड़ के माध्यम से भी बाबा लोधेश्वर के दरबार में पहुंचकर जलाभिषेक किया।
पट खुलते ही उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के कपाट अर्धरात्रि से ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही जालीदार बैरिकेडिंग के बीच लंबी कतारों में खड़े शिवभक्त जयघोष करते हुए मंदिर की ओर बढ़ने लगे। भोर होते-होते मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती चली गई। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा महादेवा क्षेत्र शिवमय हो गया।
रात से ही मोर्चे पर डटे रहे अधिकारी
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय समेत प्रशासन व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रविवार रात से ही मेला क्षेत्र में कैंप करते रहे। अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, एसडीएम आकांक्षा गुप्ता, सीओ गरिमा पंत और तहसीलदार विपुल कुमार सिंह ने भी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।
प्रवेश द्वार पर एसडीएम आकांक्षा गुप्ता, एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी, सीओ गरिमा पंत और तहसीलदार विपुल कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ स्वयं व्यवस्था संभाले रहे। थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र यादव और महादेवा चौकी प्रभारी रजनीश पांडेय भी पुलिसकर्मियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहे। छह सीओ, दो दर्जन से अधिक इंस्पेक्टर व थाना प्रभारी सहित हजारों पुलिसकर्मियों को मेला क्षेत्र में तैनात किया गया। एक पीएसी बटालियन को भी सुरक्षा में लगाया गया।
बुढ़वल जंक्शन पर भी कड़ा पहरा
रेल मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए बुढ़वल जंक्शन पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। आरपीएफ प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि महादेवा जाने वाले मार्ग पर स्थित गेट संख्या-303 समेत पूरे स्टेशन परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया। स्टेशन के बाहर भी जवानों की ड्यूटी लगाई गई, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जीआरपी प्रभारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्र में लगातार गश्त की गई। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जवानों को सतर्क रखा गया। रेलवे स्टेशन से महादेवा जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस और आरपीएफ-जीआरपी के जवान लगातार सक्रिय रहे।
यातायात व्यवस्था संभालने में जुटी पुलिस
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रहा। यातायात पुलिस ने प्रमुख मार्गों और मेला क्षेत्र में मोर्चा संभाले रखा। वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकाला गया, जिससे जाम की स्थिति न बने और श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।
चिकित्सा शिविरों में मिली निश्शुल्क सुविधा
मंदिर परिसर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और अंग्रेजी चिकित्सा के निश्शुल्क शिविर लगाए गए। डॉ. सौरभ सोनकर, डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. लक्ष्मी और डॉ. प्रिया सिंह ने सहयोगी स्टाफ के साथ श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। गर्मी और भीड़ के बीच स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्यकर्मी लगातार सक्रिय रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी