असहमति तर्कों से हो, उपहास से नहीं
- डॉ. मयंक चतुर्वेदी लोकतंत्र में विचारों पर सहमति-असहमति जितनी आवश्यक है, उतनी ही आवश्यक है भाषा की मर्यादा। संसद में उठने वाली हर आवाज देश के लोकतांत्रिक संस्कारों का परिचय देती है। जब किसी वैज्ञानिक या शिक्षाविद के विचारों का उत्तर तथ्यों के ब

Invalid email address

विस्तृत खबर के लिए हिन्दुस्थान समाचार की सेवाएं लें।

संपर्क करें

हिन्दुस्थान समाचार बहुभाषी न्यूज एजेंसी एम-6, भगत सिंह मार्केट, गोल मार्केट, नई दिल्ली- 110001

(+91) 7701802829 / 7701800342

marketing@hs.news