आत्मनिर्भर बन रहे कौशल विकास विभाग से प्रशिक्षित युवा: कपिल देव अग्रवाल
लखनऊ, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ''योगी की पाती'' पर गर्व व्यक्त किया है। मंत्री अग्रवाल ने सोमवार को जारी प्रेस
मंत्री कपिल देव अग्रवाल


लखनऊ, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'योगी की पाती' पर गर्व व्यक्त किया है।

मंत्री अग्रवाल ने सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कौशल विकास विभाग से प्रशिक्षित युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं और प्रदेश के विकास का आधार बन रहे हैं। यह पत्र उन्हें और अधिक परिश्रम करने तथा युवाओं को लगन से प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'योगी की पाती' के माध्यम बताया कि प्रदेश की युवा शक्ति कौशल से जुड़कर विकसित उत्तर प्रदेश और वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी।

मुख्यमंत्री याेगी ने कर्म और कौशल को सर्वोच्च स्थान देने वाली सनातन संस्कृति के मूल्यों को इस विश्वास का कारण बताया, जिसका उदाहरण रामायण में रामसेतु का निर्माण है। उन्होंने सोनभद्र की हेमा का उदाहरण दिया, जिन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की सहायता से 20 हजार से शुरू किया गया अपना फर्नीचर व्यवसाय लाखों के टर्नओवर में बदल दिया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि योगी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में पारंपरिक कौशल और आधुनिक तकनीक के समन्वय से उत्तर प्रदेश को 'कौशल प्रदेश' में बदला है। 'कौशल सेतु एवं कौशल सारथी' का शुभारंभ इसी संकल्प का प्रतीक है। प्रदेश आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं एआई हब के रूप में स्थापित हो रहा है, और 'एक जनपद, एक उत्पाद' योजना से पारंपरिक हुनर को वैश्विक पहचान मिली है।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि 'टेक युवा-समर्थ युवा' पहल नई पीढ़ी को भविष्य की तकनीकों से जोड़ रही है, 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' कौशल को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की शक्ति में बदल रहा है। 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के माध्यम से विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा के साथ निःशुल्क व्यावसायिक कौशल का प्रशिक्षण मिल रहा है, और 'स्किल फॉर जीरो पॉवर्टी' पहल के अंतर्गत गरीब परिवारों के एक सदस्य को कौशल से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अकेले एमएसएमई सेक्टर से लगभग 4 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने युवाओं से कम से कम एक कौशल सीखकर समाज और प्रदेश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी करने और लाभान्वित हुए युवाओं से अन्य साथियों को भी जानकारी देने का आग्रह किया।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन