प्रभात ध्यानी की कथित अवैध हिरासत मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, सुनवाई 21 जुलाई को
नैनीताल, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी को ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के
प्रभात ध्यानी की कथित अवैध हिरासत मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, सुनवाई 21 जुलाई को


नैनीताल, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी को ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 21 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय सचिव लालमणि ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी सोनम वांगचुक के विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए बीती शाम ऋषिकेश से दिल्ली जा रहे थे। उनकी ओर से सोशल मिडिया मे एक पोस्ट डाली थी कि हम और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के लोग छात्रों की शिक्षा की मांग और सोनम वांगचुक के समर्थन मे भाग लेने जा रहे है। तभी उन्हें ऋषिकेश रेलवे स्टेशन में उत्तराखंड पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रभात ध्यानी का जब कुछ पता नही चल सका कि उन्हें पुलिस कहा लेकर गई है और उनका स्वास्थ्य कैसा है तो उनके परिवार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनका मोबाईल भी जब्त कर लिया गया। याचिका में कहा कि इस तरह से एक वयस्क व्यक्ति को रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया जाना मौलिक अधिकारों का हनन है। जिसके लिए पुलिस की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। जबकि वे स्वास्थ्य चेकअप करने के लिए भी गए हुए थे। बिना किसी कारण के उन्हें पुलिस द्वारा उठा लेना कानून के विरुद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / लता