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नई दिल्ली, 20 जुलाई (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर करके अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और उसकी सहयोगी कंपनियों पर देश के कई राज्यों में सोलर पावर का ठेका हासिल करने के लिए करोड़ों रुपये की रिश्वत देने के आरोपों की सीबीआई जांच की मांग की गई है।
याचिका सामाजिक कार्यकर्ता जीतेंद्र मारु ने दायर की है।
ये मामला देश के कई राज्यों में सोलर पावर का ठेका हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों और बिजली वितरण कंपनियों के 2029 करोड़ की रिश्वत देने या देने का वादा करने के आरोपों से जुड़ा है। इसके पहले याचिकाकर्ता ने बांबे उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इसकी सीबीआई जांच की मांग की थी।
बांबे उच्च न्यायालय ने 27 मार्च को मारु की याचिका खारिज कर दी थी।
मारु ने अमेरिका में इस संबंध में चल रहे मामले में आपराधिक मामला और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की समानांतर कार्यवाही का हवाला दिया है। याचिका में कहा गया है कि रिश्वत का एक संगठित रैकेट चल रहा था, जिसमें अडानी ग्रीन एनर्जी और दिल्ली की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी एज्योर ग्लोबल शामिल हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
हिन्दुस्थान समाचार / सत्यवान