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रांची, 20 जुलाई (हि.स.)। डेंगू और चिकुनगुनिया की रोकथाम के लिए रांची शहरी क्षेत्र में सर्विलांस और नियंत्रण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की बात पर सोमवार को क्षेत्रीय मलेरिया कार्यालय में कम्युनिटी वॉलंटियर्स और फाइलेरिया यूनिट के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में मच्छरों के प्रजनन स्थलों के उन्मूलन, लार्वानाशी छिड़काव, संदिग्ध मरीजों की पहचान और समय पर रिपोर्टिंग की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने आम लाेगाें से अपील की कि वे घरों और आसपास पानी जमा न होने दें एवं बुखार, शरीर दर्द, तेज सिरदर्द या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शाहिद करीम साबरी ने कहा कि वेक्टर जनित बीमारियों पर नियंत्रण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने सभी कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित सोर्स रिडक्शन गतिविधियां संचालित करने और लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि घरों और आसपास जलजमाव रोकना, कूलर, गमलों, पुराने टायरों और अन्य जल संग्रहण वाले स्थानों की नियमित सफाई करना डेंगू एवं चिकुनगुनिया की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है। साथ ही कम्युनिटी वॉलंटियर्स को समुदाय के बीच जागरूकता अभियान चलाने और संदिग्ध मरीजों की समय पर सूचना स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभाग के पदाधिकारी-कर्मी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar