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रांची, 20 जुलाई (हि.स.)। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में क्लस्टर सिस्टम और विभिन्न विभागों में सीटों की संख्या में कटौती के विरोध में छात्रों का आंदोलन सोमवार को तेज हो गया। बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे और कुलपति प्रो. राजीव मनोहर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया। छात्रों ने सभी विभागों में पहले की तरह सीटों की संख्या बहाल करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ छात्र कुलपति कार्यालय में प्रवेश करने का प्रयास करने लगे। पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। कुछ समय तक विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, हालांकि बाद में स्थिति नियंत्रण में आ गई।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई विभागों में सीटों की संख्या घटा दी है, जिससे हजारों विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर प्रभावित होंगे। उनका कहना है कि सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया लागू होने के बाद पहले ही छात्र असमंजस की स्थिति में हैं और अब सीटों में कटौती से उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं।
छात्र नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे पर वे कई बार कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सीटों में कटौती का सबसे अधिक असर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों पर पड़ेगा। सीमित सीटों के कारण बड़ी संख्या में योग्य छात्र नामांकन से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिक्षा के अवसरों का विस्तार करना होना चाहिए, न कि उनमें कटौती करना।
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सीटों की संख्या पूर्ववत बहाल नहीं की गई और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन धरना, तालाबंदी और अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन भी किए जाएंगे।
फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस बल तैनात है और स्थिति सामान्य बनी हुई है, हालांकि तनाव का माहौल अभी भी बरकरार है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सीट कटौती वापस नहीं ली जाती और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे