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पूर्वी सिंहभूम, 20 जुलाई (हि.स.)।
पूर्वी सिंहभूम जिले में 108 एंबुलेंस सेवा में कथित लापरवाही से हुई मरीज की मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सोमवार को पटमदा थाना प्रभारी विष्णुचरण भोगता जांच के सिलसिले में जोड़सा गांव स्थित मृतक संतोष कुंभकार के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। पूछताछ के दौरान परिजनों ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था तथा अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट में कर दिया गया था। इसके बाद थाना प्रभारी श्मशान घाट पहुंचे और वहां से राख के नमूने एकत्र किए। पुलिस का कहना है कि इन नमूनों को जांच के लिए रांची स्थित फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि यह घटना दो दिन पहले की है। जोड़सा गांव निवासी संतोष कुंभकार की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा को बुलाया था। आरोप है कि एंबुलेंस पहुंचने के बाद उसमें ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नहीं था और मरीज को समय पर आवश्यक चिकित्सीय सहायता नहीं मिल सकी। परिजनों ने एंबुलेंस कर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय पर ऑक्सीजन और उचित उपचार नहीं मिलने के कारण संतोष कुंभकार ने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद मामला तूल पकड़ने पर पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर पटमदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. राजीव कुमार सिंह की शिकायत के आधार पर 108 एंबुलेंस सेवा के क्लस्टर लीडर आलोक कुमार, चालक निलेश कुमार और तकनीशियन सुजीत कुमार के खिलाफ पटमदा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली एजेंसी को नोटिस जारी किया है। सिविल सर्जन ने एजेंसी से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों स्तरों पर मामले की जांच जारी है।
वहीं, इस घटना को लेकर पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के कारण एक मरीज की जान चली गई, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक