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रांची, 20 जुलाई (हि.स.)। झारखंड राज्य सहकारिता बैंक की सरायकेला शाखा से कथित 50 करोड़ रुपये के ऋण घोटाला मामले के आरोपित व्यवसायी संजय कुमार डालमिया को झारखंड उच्च न्यायालय से राहत मिली है। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत दे दी। मामले में प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा।
इससे पहले संजय कुमार डालमिया ने चाईबासा स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया था, लेकिन विशेष अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने उस आदेश को झारखंड उच्च न्यायालय में चुनौती दी, जहां से उन्हें राहत मिली।
मामला झारखंड राज्य सहकारिता बैंक की सरायकेला शाखा में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। इस संबंध में 22 अगस्त 2019 को सरायकेला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि व्यवसायी संजय कुमार डालमिया ने विभिन्न कंपनियों के नाम पर बैंक से करीब 50 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया, जिसे बाद में वापस नहीं किया गया।
प्राथमिकी में बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सतपति, सहायक मदन लाल प्रजापति, मैनेजर धीरेंद्र कुमार सवैयां, क्षेत्रीय कार्यालय चाईबासा के तत्कालीन एजीएम, लेखापाल शंकर बंदोपाध्याय, तत्कालीन प्रबंध निदेशक (एमडी) मनोज नाथ शाहदेव, मुख्यालय के एजीएम संदीप सेन, तत्कालीन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) ब्रजेश्वर नाथ तथा व्यवसायी संजय कुमार डालमिया सहित कई लोगों को आरोपित बनाया गया था।
जांच के दौरान सीआईडी ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सतपति और एक अन्य आरोपित मनसा महतो के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। बाद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने इस मामले में कांड संख्या 8/2020 के तहत अलग से प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि संजय कुमार डालमिया को आठ अलग-अलग ऋण खातों के माध्यम से करीब 50 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत और वितरित किया गया था। आरोप है कि ऋण स्वीकृत करने से पहले आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन और पहचान संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। दस्तावेजों में कथित अनियमितताओं के बावजूद ऋण स्वीकृत कर दिया गया।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सतपति ने बैंक के निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए संजय कुमार डालमिया को ऋण स्वीकृत किया, जिससे बैंक को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। मामले की जांच और अन्य आरोपितों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जारी है।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे