प्रसूता की मौत पर आवाज उठाने वालों को डराने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही सरकार : प्रतुल
रांची, 20 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि जामताड़ा में प्रसूता रीना देवी की कथित लापरवाही से हुई मौत के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के लिए झार
प्रेस वार्ता करते भाजपा प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता  प्रतुल


प्रेस वार्ता की तस्वीर


रांची, 20 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि जामताड़ा में प्रसूता रीना देवी की कथित लापरवाही से हुई मौत के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के लिए झारखंड सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध का जवाब देने के बजाय सरकार ने जामताड़ा भाजपा के जिला अध्यक्ष सुमित शरण और अन्य नेताओं के घर पुलिस भेजकर उनके परिजनों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया।

सोमवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रतुल शाह देव ने कहा कि जिस सरकार को प्रसूता की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी, वह न्याय की मांग करने वालों पर कार्रवाई करने में जुटी है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय सवाल उठाने वालों की आवाज दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सुमित शरण और अन्य भाजपा नेताओं का केवल इतना ही दोष था कि वे जनता की आवाज बुलंद कर रहे थे।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जामताड़ा पुलिस ने सुमित शरण के घर पर जिस तरह छापेमारी की और उनके परिजनों के साथ बदसलूकी की, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जामताड़ा पुलिस राज्य सरकार के मंत्री इरफान अंसारी के इशारों पर काम कर रही है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून का पालन सभी को करना चाहिए और पुलिस को भी निष्पक्ष एवं विधिसम्मत तरीके से कार्य करना चाहिए।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने इस मामले में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठाया गया और संदेश का भी जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने इसे संसदीय गरिमा के प्रतिकूल बताते हुए कहा कि अधिकारियों को कानून और संविधान के दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए, न कि किसी सरकार के दबाव में। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन अधिकारियों की जवाबदेही संविधान और कानून के प्रति होती है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि पुलिस को पूछताछ करनी थी तो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी कर भाजपा नेताओं को बुलाया जा सकता था। इसके बजाय घरों पर छापेमारी करना यह दर्शाता है कि सरकार विपक्ष को डराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि भाजपा नेताओं पर अस्पताल में तोड़फोड़ का आरोप है, तो सरकार अब तक उससे संबंधित सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है।

प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। लेकिन भाजपा न तो इस प्रकार की कार्रवाई से डरेगी और न ही प्रसूता की मौत के मामले में न्याय की मांग से पीछे हटेगी। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा भाजपा नेताओं के विरुद्ध कथित राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई तत्काल बंद की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो भाजपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।

प्रेसवार्ता में भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अजय राय और नीरज सिंह भी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे