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सीवान, 20 जुलाई (हि.स.)। जिला यक्ष्मा केंद्र सीवान में वर्षों से बनी कर्मियों की कमी अब प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। इसी कड़ी में सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने निदेशक प्रमुख को पत्र भेजकर जिला यक्ष्मा केंद्र की लिपिक सीमा कुमारी की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें उनके मूल पदस्थापन स्थल सीवान वापस भेजने का अनुरोध किया है।
सिविल सर्जन ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि सीमा कुमारी वर्ष 2010 से ही जिला यक्ष्मा केंद्र वैशाली में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, जबकि उनका मूल पदस्थापन जिला यक्ष्मा केंद्र सीवान है। उन्होंने कहा कि सीवान में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं और उपलब्ध संसाधनों के बल पर कार्य संचालन करना कठिन होता जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति वर्षों तक जारी रहती है तो इससे मूल कार्यालय की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में सिविल सर्जन का यह पत्र न केवल स्टाफ की कमी को उजागर करता है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही प्रतिनियुक्ति व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख के निर्णय पर टिकी हैं। यदि प्रतिनियुक्ति समाप्त होती है तो जिला यक्ष्मा केंद्र सीवान को एक लिपिकीय कर्मी की उपलब्धता मिलेगी, जिससे कार्यालयी कार्यों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, यह मामला अन्य लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी नजीर बन सकता है।सिविल सर्जन ने बताया कि सीमा कुमारी की प्रतिनियुक्ति खत्म करने के लिए निदेशक प्रमुख को लिखा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma