काशी विश्वनाथ धाम और गंगा घाटों पर पैदल आवागमन होगा और सुगम, एआई आधारित तकनीक से होगा भीड़ प्रबंधन
सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज'' के विजेताओं की घोषणा, दो नवाचारों को मिलेगा बड़े स्तर पर लागू करने का अवसर वाराणसी, 19 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में सर्वाधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, विशेषकर श्री काशी विश्वनाथ धाम और प्राचीन गंग
'सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज' के विजेताओं के साथ नगर विकास मंत्री व अफसर


'सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज' के विजेताओं की घोषणा, दो नवाचारों को मिलेगा बड़े स्तर पर लागू करने का अवसर

वाराणसी, 19 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में सर्वाधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, विशेषकर श्री काशी विश्वनाथ धाम और प्राचीन गंगा घाटों तक आने-जाने वाले मार्गों पर पैदल यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अत्याधुनिक तकनीक आधारित समाधान लागू किए जाएंगे। इन नवाचारों का उद्देश्य स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर नेविगेशन, सुरक्षित आवागमन और प्रभावी भीड़ प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

—दो परियोजनाएं बनीं विजेता

नगर निगम और वाराणसी स्मार्ट सिटी ने टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन (टीएमएफ), चैलेंज वर्क्स तथा वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट इंडिया के सहयोग से संचालित 'सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज (एससीसी) वाराणसी' के विजेताओं की रविवार को घोषणा की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा भी मौजूद रहे। प्रतियोगिता में सिटी डाटा डॉट एआई और निप्पॉन कोइ द्वारा विकसित 'सिटीफ्लो' तथा द अर्बनाइज़र की 'जनयात्रा' परियोजना को विजेता चुना गया। दोनों समाधानों को वाराणसी में बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी परामर्श प्रदान किया जाएगा। वहीं, वोजिक एआई की 'बेहतरवे' और प्रमेय कंसल्टिंग की 'नयीचाल' परियोजनाओं को समावेशी एवं प्रभावी शहरी गतिशीलता में योगदान के लिए 'मानद उल्लेख' से सम्मानित किया गया।

—रियल-टाइम एआई से होगी भीड़ की निगरानी

अधिकारियों के अनुसार चयनित समाधान वाराणसी के विरासत क्षेत्र में प्रतिदिन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। 'सिटीफ्लो' बिग डेटा, कंप्यूटर विज़न और जेनरेटिव एआई की मदद से रियल-टाइम में भीड़ की गतिविधियों का विश्लेषण करेगा। इससे काशी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की तत्काल पहचान कर समय रहते आवश्यक कदम उठाने में मदद मिलेगी।

—डिजिटल साइनेज और कलर-कोडेड मार्गदर्शन से मिलेगी राहत

'जनयात्रा' परियोजना कलर-कोडेड वेफाइंडिंग, डायनेमिक डिजिटल साइनेज और रणनीतिक शहरी हस्तक्षेपों के माध्यम से पैदल यात्रियों को सही दिशा-निर्देशन उपलब्ध कराएगी। इससे अधिक भीड़ वाले मार्गों पर दबाव कम होगा और लोगों को वैकल्पिक रास्तों की जानकारी भी मिलेगी। वहीं 'बेहतरवे' एआई आधारित हाइपरलोकल पैदल यात्री नेविगेशन प्लेटफॉर्म है, जबकि 'नयीचाल' विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए सुगम और सुलभ आवागमन सुनिश्चित करने पर केंद्रित समाधान है।

—दो वर्षों की प्रक्रिया के बाद हुआ चयन

अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं का चयन लगभग दो वर्षों तक चली बहु-स्तरीय प्रक्रिया के बाद किया गया। इस दौरान नवाचारकर्ताओं, जिला प्रशासन, शहरी गतिशीलता विशेषज्ञों और स्थानीय हितधारकों ने मिलकर भीड़ और पैदल यात्री प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों के व्यावहारिक एवं स्केलेबल समाधान विकसित किए। उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से वाराणसी के ऐतिहासिक क्षेत्र में आने वाले लोगों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सहज आवागमन का अनुभव मिलेगा।

—'आधुनिक तकनीक अपनाना समय की आवश्यकता' : ए.के. शर्मा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि काशी देश की आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ वैश्विक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र है। करोड़ों श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक तकनीक और स्मार्ट मोबिलिटी समाधानों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार, 'सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज' से विकसित नवाचार वाराणसी को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और सुलभ वैश्विक शहर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

—डेटा आधारित तकनीक से मिलेगी भीड़ प्रबंधन में मदद

वाराणसी के मंडलायुक्त एवं वाराणसी स्मार्ट सिटी के अध्यक्ष एस. राजलिंगम ने कहा कि डेटा आधारित तकनीक, आधुनिक वेफाइंडिंग प्रणाली और मानव-केंद्रित डिज़ाइन शहरों को भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों का प्रभावी समाधान देने में सक्षम हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन नवाचारों से वाराणसी के ऐतिहासिक क्षेत्र में सुरक्षित, कुशल और सुलभ आवाजाही सुनिश्चित होगी।

——ऐतिहासिक शहर भी आधुनिक समाधान अपना सकते हैं: नगर आयुक्त

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि वाराणसी यह उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है कि ऐतिहासिक शहर भी आधुनिक नवाचारों के माध्यम से वर्तमान मोबिलिटी चुनौतियों का समाधान खोज सकते हैं। चयनित समाधान रियल-टाइम डेटा, डिजिटल तकनीक, शहरी डिज़ाइन और व्यवहारिक विश्लेषण को जोड़कर पैदल यात्री प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाएंगे। इससे भीड़भाड़ कम होने के साथ सुरक्षा, सुगमता और आगंतुकों के अनुभव में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

—'वाराणसी ने चुनौती को अवसर में बदला' : प्रसन्ना गणेश

टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक प्रसन्ना गणेश के अनुसार, वाराणसी ने अपनी ऐतिहासिक चुनौतियों को नवाचार के अवसर में बदलने का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि चयनित समाधान अब पायलट चरण से आगे बढ़कर शहर के अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन में सहयोग दे रहे हैं तथा नागरिकों और आगंतुकों के लिए अधिक सुरक्षित, सहज और सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी