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- 22 जुलाई को पहली बार एक साथ 403 विधानसभा क्षेत्रों में होंगे बूथ अध्यक्ष सम्मेलन
- जोश-होश के साथ लक्ष्य साधने निकली भाजपा चुनावी रणनीति को देगी धार, 1.77 लाख बूथों पर सौंपेगी कमान
- प्रत्येक बूथ को जीत का अभेद्य दुर्ग बनाने की तैयारी, वरिष्ठ नेता बूथ अध्यक्षों को देंगे विजय मंत्र
- 'बूथ जीता तो चुनाव जीता' के मंत्र पर काम करने का आह्वान, सामाजिक व संगठनात्मक आधार करेंगे तैयार
- मतदाता संपर्क, बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार और मतदान प्रतिशत बढ़ाने की समझाएंगे रणनीति
लखनऊ, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब सबसे बड़ी चुनावी ताकत माने जाने वाले बूथ अध्यक्षों को 'बूथ योद्धा' के रूप में तैयार करने जा रही है। पार्टी का मानना है कि चुनावी जीत की असली लड़ाई मतदान केंद्र पर लड़ी और जीती जाती है। यही कारण है कि 22 जुलाई को प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर एक साथ होने वाला बूथ अध्यक्ष सम्मेलन केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि 2027 के चुनावी रण के लिए बूथ स्तर के 'किंगमेकर' तैयार करने का अभियान माना जा रहा है।
कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ लक्ष्य साधने निकली भाजपा ने चुनावी रणनीति को धार देते हुए संगठन को 'बूथ जीता तो चुनाव जीता' के मंत्र पर काम करने का आह्वान किया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव बूथ केंद्रित रणनीति के आधार पर लड़ा जाएगा। प्रत्येक बूथ को भाजपा की जीत का अभेद्य दुर्ग बनाया जाएगा। महानगर अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, सभी मोर्चा के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष, क्षेत्रीय पदाधिकारी, शक्ति केंद्र संयोजक और प्रमुख कार्यकर्ताओं का 403 विधासभाओं में 22 जुलाई को एक समय पर बूथ सम्मेलन होगा। प्रदेश में 1,77,516 बूथों पर भाजपा का संगठन सक्रिय है। पहली बार प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में एक ही समय पर बूथ अध्यक्ष सम्मेलन आयोजित कर संगठन एक साथ चुनावी संदेश देने जा रहा है। पार्टी ने प्रत्येक बूथ अध्यक्ष को अपने बूथ का राजनीतिक, सामाजिक और संगठनात्मक आधार मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी है। सम्मेलन में बूथ अध्यक्षों को केवल जिम्मेदारियां नहीं दी जाएंगी, बल्कि उन्हें मतदाता संपर्क, बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार और मतदान प्रतिशत बढ़ाने की रणनीति भी समझाई जाएगी।
भाजपा की चुनावी रणनीति का केंद्र इस बार भी बूथ ही है। संगठन का मानना है कि जिस दल की पकड़ बूथ पर मजबूत होगी, सत्ता की चाबी भी उसी के हाथ होगी। इसलिए बूथ अध्यक्षों को स्थानीय स्तर पर पार्टी का सबसे प्रभावी चेहरा और चुनावी कमांडर बनाया जा रहा है। हर बूथ अध्यक्ष अपने क्षेत्र की संगठनात्मक जानकारी, वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों की सूची तथा बूथ पालक का विवरण लेकर सम्मेलन में पहुंचेंगे। इससे प्रत्येक बूथ का नया संगठनात्मक डाटा तैयार होगा और जवाबदेही भी तय होगी।
राजनीतिक दृष्टि से देखें तो भाजपा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बूथ स्तर पर किसी तरह की ढिलाई नहीं छोड़ना चाहती है। पार्टी की कोशिश है कि हर बूथ पर ऐसा कार्यकर्ता तैयार हो, जो मतदान तक मतदाता से लगातार संपर्क बनाए रखे, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करे और मतदान के दिन बूथ प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी संभाले।
बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में राष्ट्रीय, प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारियों की मौजूदगी भी इसी रणनीति का हिस्सा है। वरिष्ठ नेता सीधे बूथ अध्यक्षों को जीत का मंत्र देंगे और उन्हें चुनावी लक्ष्य से अवगत कराएंगे। भाजपा का संदेश स्पष्ट है कि 2027 का विधानसभा चुनाव केवल नेताओं के भाषणों से नहीं, बल्कि बूथ योद्धाओं की सक्रियता से जीता जाएगा।
'मेरा बूथ सबसे मजबूत' के देंगे टिप्स
भाजपा के प्रदेश महामंत्री व बूथ सम्मेलन के प्रदेश संयोजक दिलीप पटेल ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में बताया कि 22 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ भाजपा बूथ सम्मेलन आयोजित कर रही है। इसमें प्रदेश स्तर से नामित अतिथि शामिल होंगे। इनमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, वर्तमान एवं पूर्व क्षेत्रीय पदाधिकारी तथा एमएलसी मुख्य अतिथि के रूप में विभिन्न स्थानों पर जाएंगे। संबंधित क्षेत्र के विधायक और 2022 विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी कार्यक्रम की व्यवस्था की दृष्टि से प्रमुख भूमिका निभाएंगे। बूथ अध्यक्षों को उनके दायित्व बताए जाएंगे। उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा कि बूथ पर कैसे काम करना है, लोगों से संपर्क और संवाद कैसे बढ़ाना है तथा संगठन को कैसे मजबूत करना है। उन्हें बताया जाएगा कि 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' के लक्ष्य को कैसे पूरा करना है और प्रत्येक बूथ पर भाजपा को सर्वाधिक मत कैसे दिलाना है। संपर्क, संवाद और सहयोग के माध्यम से बूथ को मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश