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वेस्ट-टू-चारकोल और कंपोस्टिंग तकनीक से काशी को मिलेगी प्रदूषण से मुक्ति
वाराणसी,19 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी को कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में देश का रोल मॉडल बनाने की कवायद नगर निगम ने शुरू कर दी है। स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में कचरे से ऊर्जा और जैविक खाद बनाने की आधुनिक तकनीकों पर अब निगम प्रशासन विशेष जोर दे रहा है। इसी क्रम में शनिवार को केंद्रीय टीम ने वाराणसी में आकर जमीनी हकीकत परखी। केन्द्रीय शहरी आवासन एवं कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कटिकिथला ने करसड़ा तथा रमना प्लांट का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय संयुक्त सचिव रूपा मिश्रा भी उनके साथ उपस्थित रहीं। दोनों अफसरों के वाराणसी आगमन पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनकी अगवानी की।
केंद्रीय सचिव ने सबसे पहले करसड़ा स्थित वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान प्लांट का संचालन करने वाली संस्था ईस्टर्न ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर्स के प्रतिनिधियों ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) के माध्यम से सचिव को कचरा प्रसंस्करण और खाद निर्माण की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। प्लांट में वर्षों से जमा पुराने कचरे (लिगेसी वेस्ट) के पहाड़ को देखकर सचिव ने इसके वैज्ञानिक निस्तारण की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी। साथ ही लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के कार्य में और तेजी लाने का निर्देश दिया ताकि पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे। इसके पश्चात केंद्रीय सचिव और संयुक्त सचिव का काफिला रमना स्थित वेस्ट टू चारकोल प्लांट पहुंचा। यहां कचरे से कोयला (चारकोल) बनाने की अत्याधुनिक तकनीक का निरीक्षण करते हुए उन्होंने प्लांट की क्षमता और उत्पादन की पूरी जानकारी ली। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सचिव श्रीनिवास कटिकिथला एवं संयुक्त सचिव रूपा मिश्रा ने प्लांट परिसर में पौधरोपण भी किया।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, अमित कुमार तथा सहायक नगर आयुक्त इंद्र विजय आदि भी मौजूद रहे।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी