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उधम सिंह नगर, 19 जुलाई (हि. स.)। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने ऊधमसिंहनगर जिले के बाजपुर में छापेमारी कर नकली एलोपैथिक दवाओं के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया। मौके से बड़ी मात्रा में नकली जीवनरक्षक दवाएं, पैकेजिंग मशीनें, अवैध अंग्रेजी शराब, आबकारी होलोग्राम और पैकिंग सामग्री बरामद की गई।
एसटीएफ ने रविवार को बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बाजपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित कोविल बायोटैक (प्लॉट संख्या एफ-13 एवं एफ-14) में छापेमारी की गई। मौके से बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी धीरेन्द्र को गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी बिना वैध औषधि निर्माण लाइसेंस के आयुर्वेदिक एवं फूड लाइसेंस की आड़ में स्टैडमेड, मैक्लियोड्स, इंटास, सन फार्मा समेत प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से नकली एलोपैथिक दवाओं का निर्माण और पैकेजिंग कर बाजार में आपूर्ति कर रहा था।
आरोपित की निशानदेही पर एनएच-74 स्थित गोदाम से बड़ी मात्रा में तैयार नकली दवाएं, पैकिंग सामग्री और अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने एक अन्य साथी के साथ मिलकर हरियाणा से अवैध शराब मंगाकर उत्तराखंड में सप्लाई करने की बात भी स्वीकार की।
एसटीएफ के अनुसार, छापेमारी में करीब एक लाख टैबलेट, 15 हजार सिरप की बोतलें, एंटासिड, एंटीबायोटिक, दर्द निवारक, प्रोस्टेट, कैल्शियम, विटामिन तथा आयरन सप्लीमेंट जैसी दवाएं बरामद हुई हैं। इसके अलावा मैकडॉवेल नंबर-1 के 1,632 क्वार्टर, 1,016 शराब की बोतलें, आबकारी होलोग्राम, रैपर, ढक्कन, खाली बोतलें और नकली दवाओं के निर्माण में प्रयुक्त फिलिंग, सीलिंग और लेबलिंग मशीनें भी जब्त की गई हैं।
आरोपी के खिलाफ बाजपुर थाने में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अवैध शराब की बरामदगी के संबंध में उत्तराखंड आबकारी अधिनियम के तहत भी अलग से कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने कहा कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय